मोहाली। पंजाब सफाई मजदूर फेडरेशन ने नगर निगम मोहाली के संयुक्त आयुक्त पर यूनियन नेताओं से दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए 26 जनवरी को कैबिनेट मंत्री के घेराव के बाद अनिश्चितकालीन हड़ताल का एलान किया है। यह जानकारी फेडरेशन के राज्य महासचिव पवन गोड़ियाल और नेता मोहन सिंह ने दी।
फेडरेशन द्वारा 26 जनवरी को मोहाली में झंडा लहराने आ रहे कैबिनेट मंत्री मोहिंदर भगत के घेराव की घोषणा के बाद नगर निगम मोहाली के संयुक्त आयुक्त जसजीत सिंह ने यूनियन नेताओं को बैठक के लिए बुलाया था। बैठक के बाद जारी बयान में आरोप लगाया गया कि बैठक के दौरान अधिकारियों द्वारा दलित और अंबेडकरवादी सोच रखने वाले यूनियन नेताओं के साथ अपमानजनक व्यवहार किया गया।
आरोप है कि संयुक्त आयुक्त द्वारा यूनियन नेताओं के कपड़ों पर टिप्पणी की गई और उनके लिए आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया गया, जिससे सफाई सेवकों और दलित समाज में भारी रोष फैल गया। फेडरेशन ने इसे पूरे दलित वर्ग का अपमान बताया है। इसके विरोध में पंजाब सफाई मजदूर फेडरेशन से जुड़े डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने वाले गार्बेज कलेक्टरों ने शहर की सफाई व्यवस्था ठप कर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया है। इस आंदोलन में वाल्मीकि समाज के लोग परिवारों सहित बड़ी संख्या में शामिल होंगे।
जब तक समाधान नहीं, तब तक हड़ताल जारी
फेडरेशन ने चेतावनी दी है कि जब तक सफाई सेवकों की मांगों का समाधान नहीं किया जाता और संयुक्त आयुक्त के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज नहीं किया जाता, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि इस पूरे हालात की जिम्मेदारी नगर निगम मोहाली और पंजाब सरकार की होगी। फेडरेशन ने यह मामला पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग और पंजाब राज्य सफाई आयोग के समक्ष उठाने की भी घोषणा की है।