मोहाली। नाबालिग बेटी का यौन शोषण करने के दोषी पिता को मोहाली की फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट ने मरते दम तक जेल की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। यह मामला अक्तूबर 2025 में सोहाना थाने में दर्ज हुआ। पुलिस के अनुसार, पीड़िता ने बताया कि पिता ने नाबालिग रहते ही उसका यौन शोषण शुरू किया था। वह उसे धमकाकर लंबे समय तक चुप कराता रहा। बाद में पीड़िता ने परिजनों को आपबीती बताई, जिसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा। अदालत में दर्ज बयान के दौरान पीड़िता ने बताया कि पहली बार दुष्कर्म तब हुआ जब वह छठी कक्षा में थी और उसकी उम्र करीब 12 साल थी। पुलिस ने मामले में बीएनएस की धारा 65 भी जोड़ी। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने अदालत में चालान पेश किया। साक्ष्यों और पीड़िता के बयान के आधार पर कोर्ट ने आरोपी को पॉक्सो एक्ट की धारा 6 और बीएनएस की धारा 351(2) के तहत दोषी ठहराकर सजा सुनाई।
चिट्ठी लिखकर दी जानकारी
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, अक्तूबर 2025 में नाबालिग ने दो चिट्ठियां लिखकर परिजनों को ज्यादती की जानकारी दी। परिजनों के पूछने पर उसने पूरी घटना बताई। इसके बाद वह एक महिला रिश्तेदार के साथ थाना सोहाना पहुंची और बयान दर्ज कराया। शिकायत पर पुलिस ने बीएनएस की धारा 64 और पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत केस दर्ज किया। जांच के दौरान आरोपी पिता को गिरफ्तार किया गया।