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ट्यूशन जा रहे बच्चे को कुत्ते ने बुरी तरह काटा, गिरकर बाजू भी टूटी

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मोहाली। फेज-6 में लावारिस कुत्तों ने बुधवार को ट्यूशन पढ़ने जा रहे 13 साल के बच्चे को काट खाया। इस दौरान कुत्तों ने उसके पैर पर बुरी तरह से जख्म कर दिए। बच्चा खुद को बचाने की कोशिश में भागते समय नीचे गिर गया और इससे उसकी बाजू भी टूट गई।
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कुत्ते के काटने से जख्मी बच्चे को फेज-6 के सिविल अस्पताल में ले जाया गया। यहां पर डॉक्टरों ने उसका प्राथमिक उपचार कर भेज दिया। हालांकि उसकी टूटी बाजू पर अभी प्लास्टर नहीं हो पाया था। जिसके बाद उसके परिजनों ने चंडीगढ़ जाकर अपने बच्चे का इलाज करवाया।
वहीं, इस मामले में इलाके के पूर्व पार्षद आरपी शर्मा का कहना है कि बच्चे को आर्थिक सहायता दी जानी चाहिए, जिससे प्रशासन को सीख मिले कि कुत्तों के आतंक से कैसे लोग जख्मी हो रहे हैं और इस प्रकार की वारदातों को रोका जा सके।
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मिली जानकारी के मुुताबिक बलौंगी निवासी 13 साल का हर्ष कुमार फेज-6 में ट्यूशन पढ़ने जा रहा था। इस दौरान रास्ते में झुंड बनाकर कुत्तों ने उसे घेर लिया तो उसने कुत्तों से बचने की कोशिश की। लेकिन कुत्तों ने उसकी टांग पर कई जगह से काट लिया। इस दौरान कुत्तों ने उसकी टांगों के अलावा शरीर पर कई जगह पंजों से खरोंच भी मारी।
इस दौरान फेज-6 के पूर्व पार्षद आरपी शर्मा ने बच्चे को फेज-6 स्थित सिविल अस्पताल पहुंचाया। शर्मा ने बताया कि बच्चे के पैरों पर जख्म आए हैं और उसकी बाजू भी टूट गई। इन कुत्तों के आतंक के बारे में कई बार नगर निगम हाउस की मीटिंग में मुद्दा उठा चुके हैं। इसके अलावा प्रशासन को भी उक्त समस्या के बारे में अवगत करवा चुके हैं। लेकिन इसके बाद भी प्रशासन की ओर से इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। उन्होंने मांग की है कि जख्मी बच्चे के इलाज के लिए नगर निगम को आर्थिक मदद दी जाए, जिससे उसका इलाज करवाया जा सके। इसके साथ ही कुत्तों को पकड़ने के लिए शहर में स्पेशल मुहिम चलाई जाए।
जीएमएसएच-16 चंडीगढ़ जाकर करवाया बच्चे का इलाज
जख्मी बच्चे के पिता सुनील कुमार ने बताया कि फेज-6 के सिविल अस्पताल में बच्चे के जख्मों पर पट्टियां बांध दी और बच्चे के फ्रैक्चर को देखकर कहा कि इलाज के लिए बाजू की सर्जरी करवानी पड़ेगी। इसके बाद वह बच्चे को जीएमएसएच सेक्टर-16 चंडीगढ़ में ले गए। यहां पर डॉक्टरों ने उसके बच्चे की बाजू पर प्लास्टर चढ़ा दिया। सुनील ने कहा कि शहर में कुत्तों के आतंक की समस्या का पक्का हल किया जाना चाहिए।
पहले भी आ चुके हैं ऐसे मामले
साल 2017 में फेज-2 के श्री गुरुद्वारा साहिब में खेल रहे ढाई साल के बच्चे के होंठ को कुत्ते ने काट दिया था। इसमें बच्चा गंभीर रूप में जख्मी हो गया था और इस बच्चे की पीजीआई में सर्जरी की गई थी। साल 2017 में ही सेक्टर-71 में घर के बाहर खेलते तीन साल के बच्चे को कुत्ते ने कई जगह से काट दिया था। इस दौरान बच्चा काफी गंभीर हो गया था। इसी तरह 2018 में गांव दाऊं साहिब के पास एक बच्चे को हड्डा रोडी वाले कुत्तों ने बुरी तरह काटा था। इससे बच्चे के सिर पर गंभीर जख्म आए थे। शहर में कुत्तों के आतंक से निजात दिलवाने के लिए नगर निगम को सख्त कदम उठाने चाहिए। जिससे बच्चे कुत्तों का शिकार होन से बचें।
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