जीरकपुर। यूपी में हरदोई के लिए ट्रेन जाने की एक अफवाह पर जीरकपुर और डेराबस्सी के रहने वाले प्रवासी मजदूरों की भीड़ जीरकपुर के सतसंग ब्यास भवन में जमा हो गई।
इन प्रवासी मजदूरों कोे किसी से यह सूचना मिली थी कि सुबह हरदोई के लिए ट्रेन जानी है और इस ट्रेन से जाने के लिए थर्मल स्क्रीनिंग और अन्य औपचारिकताओं को जीरकपुर के राधा स्वामी ब्यास सतसंग भवन में पूरा करवाया जाएगा। बस यह अफवाह फैलने के बाद जीरकपुर और डेराबस्सी से सैकड़ों प्रवासी मजदूर रविसार की सुबह तीन बजे से ही ब्यास सतसंग भवन में जुटने लगे।
इस अफवाह से बेखबर जब प्रशासन के अधिकारियों को मजदूरों यहां लगी भीड़ के बारे में सूचना मिली तो प्रशासनिक अधिकारियोें और पुलिस की टीम यहां मौके पर पहुंची और मजदूरों को समझाया कि यहां से अभी कोई ट्रेन नहीं जाने वाली है। लेकिन अपने घर लौटने को बेताब मजदूरों ने सभी अधिकारियों को घेर लिया और उनको हरदोई भेजने की मांग करने लगे।
बता दें कि 7 मई से पंजाब सरकार के सहयोग से स्थानीय प्रशासन ने प्रवासी मजदूरों की घर वापसी के लिए योजना तैयार की है। यहां थर्मल स्क्रीनिंग और जनरल टेस्ट के लिए ब्यास सतसंग भवन में एक सेंटर बनाया गया है। यह सेंटर मैक डोनाल्ड से सताबगढ़ गांव को जाती सड़क पर है। शनिवार देर रात को अफवाह फैलते ही यहीं पर प्रवासी मजदूरों की भीड़ जुटी थी।
सुबह हुई तेज आंधी के साथ बारिश में प्रवासी हुए परेशान
रविवार सुबह साढ़े सात बजे मौसम बिगड़ने पर राधा स्वामी सतसंग भवन के बाहर पहुंच रहे प्रवासी कई घंटों तक अपनी बारी के इंतजार में खुले आसमान के नीचे सड़क किनारे बैठे रहे।
यहां सुबह आंधी तूफान और बारिश के बीच भी सुबह 8 से 10 बजे तक यह मजदूर
गांव जाने के लिए की जाने वाली व्यवस्था का इंतजार करते रहे। कुछ मजदूरों
के परिवारों ने जिनके पास छोटे-छोटे बच्चे थे को नजदीक स्थित एक निर्माणाधीन मैरिज पैलेस में शरण लेनी पड़ी। यह प्रवासी मजदूर और उनके बच्चे सामाजिक दूरी को भूल गए थे।
जब प्रशासनिक अधिकारी आए और बारिश खत्म होते ही मजदूर फिर सड़क पर उतर आए और हरदोई भेजने की मांग पर अड़ गए। जिला प्रशासन और रेलवे के अनुसार उनकी ओर से
किसी भी मजदूर को यहां नहीं बुलाया गया था। इसके बाद पुलिस ने यहां भारी संख्या में जमा हुए लोगों को काफी समझाया, लेकिन वह टस से मस नहीं हुए। खैर, बाद में इन मजदूरों को कहा गया कि जब ट्रेन जाएगी तो उनको यहां बुला लिया जाएगा।
इसके बावजूद जब यह लोग यहां से नहंी हिले तो पुलिस ने इन लोगों की सूची बनाई कि किसने कौन से शहर जाना है। इसके बाद इन्हें यकीन दिलाने के बाद शांत करवाया गया।
घर का किराया मांग रहे हैं मकान मालिक
प्रवासी मजदूरों का कहना है कि वह जिन मकानों में रहते हैं वहां के मकान मालिकों ने किराये और बिजली के बिल मांगने शुरू कर दिए हैं, जबकि वह इसमें असमर्थ हैं। इस कारण वह लोग जल्दी से जल्दी अपने राज्यों को लौटना चाहते हैं। जिससे वह सुरक्षित रह सकें।
हमें रेल रवाना होने की सूचना 12 घंटे पहले मिलती है। फिलहाल हरदोई जाने वाली ट्रेन की सूचना नहीं है। सोमवार को झारखंड के लिए सुबह 10 बजे और दूसरी ट्रेन शाम 4 बजे गोरखपुर के लिए रवाना होनी है। सभी लोगों से अपील है कि जब प्रशासन की ओर से कोई जानकारी दी जाए तो ही स्क्रीनिंग सेंटर पर जमा हों। - कुलदीप बावा, एसडीएम डेराबस्सी