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Mohali News: मनी लॉन्ड्रिंग में आरोपी दमनवीर फिल्लौर को कोर्ट ने शर्तों पर दी विदेश जाने की अनुमति

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मोहाली। मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में नामजद आरोपी दमनवीर सिंह फिल्लौर ने विदेश जाने के लिए एनआईए कोर्ट में अपनी याचिका दायर की थी। इसलिए उसको शर्तों के आधार पर विदेश जाने की अनुमति मिल गई है। याचिका में आरोपी दमनवीर ने कहा था कि 15 से 30 जून तक 15 दिनों के लिए विदेश यात्रा करने की अनुमति दी जाए। कहा था कि वह खाड़ी क्षेत्र का दौरा करना चाहता है, जहां श्री गुरु नानक देव जी गए थे और वहां उन्होंने अपने चिन्ह छोड़े थे। उन्होंने 15 दिन के लिए अपना पासपोर्ट जारी करने के लिए प्रार्थना की थी। याचिका में कहा था कि वह खाड़ी क्षेत्र में बगदाद इराक में मक्का और मदीना (गुरुद्वारा श्री बाबा नानक तीर्थ) धार्मिक पवित्र स्थानों पर माथा टेकने के लिए जाना चाहता है, जो कि जेद्दा सऊदी अरब में है। उसने बताया कि 15 जून को दिल्ली से बगदाद इराक के लिए प्रस्थान करेगा और 22 जून तक वहां रहेगा और फिर दिल्ली भारत लौट आएगा। उसने अदालत में कहा कि वह अपना ठहरने का पता यानी होटल का नाम बताएगा और वीजा, ई-मेल, मोबाइल नंबर की प्रति भी उपलब्ध कराएगा, जिसका वह वहां उपयोग करेगा और वह कोई अन्य विवरण भी प्रदान करने के लिए तैयार है, जिसके लिए यह अदालत आवेदक को निर्देश देगी। इस तरह उसने विदेश धार्मिक यात्रा जाने के लिए अनुमति मांगी थी।
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वहीं, प्रवर्तन निदेशालय ने विद्वान विशेष लोक अभियोजक जेपीएस सराओ ने प्रस्तुत होकर आवेदन पर जवाब दाखिल किया, जिसमें प्रारंभिक आपत्तियां ली गई। उन्होंने कोर्ट को कहा कि आरोपी विदेश यात्रा के लिए इस न्यायालय से अनुमति मांगने के लिए प्रस्तुत आवेदन मामले के तथ्यों और परिस्थितियों के आलोक में विचारणीय नहीं है। आरोपी द्वारा कानून के शिकंजे से बचने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली टालमटोल की रणनीति का एक हिस्सा मात्र है। इसी ईसीआईआर में सह-आरोपियों को इस न्यायालय द्वारा 30 जुलाई 2024 के निर्णय के तहत दोषी ठहराया है और आवेदक किसी भी बहाने विदेश यात्रा का प्रयास कर रहा है। इसके विदेश यात्रा के पिछले आवेदन को कोर्ट ने 14 नवंबर 2024 को अस्वीकार किया था। यह भी कहा कि आरोपी एक प्रभावशाली व्यक्ति है और उसके कई कनेक्शन हैं, इसलिए सबूतों के साथ छेड़छाड़ करने का एक बड़ा जोखिम और मौका है जो निकट भविष्य में न्यायिक कार्यवाही में बाधा डाल सकता है और अंत में आवेदन को खारिज करने के लिए प्रार्थना की गई।

अदालत ने दोनों पक्षों को सुनकर कहा कि आरोपी को शर्तों पर विदेश जाने की अनुमति मिलेगी। जिसमें आरोपी मक्का और मदीना और जेद्दा सऊदी अरब को छोड़कर किसी अन्य देश की यात्रा नहीं करेगा। वह वहां रहने का पूरा विवरण देगा और अपना मोबाइल नंबर भी प्रदान करेगा, जिसका उपयोग वह 15 दिन विदेश में करेगा। विदेश में रहने की तारीख नहीं बढ़ाई जाएगी। आरोपी को 20 लाख रुपये की बैंक गारंटी और इतनी ही राशि का एक जमानती बांड भरना होगा। अदालत में एक हलफनामा देगा कि उसकी अनुपस्थिति में उसका वकील उपस्थित रहेगा, जिससे कार्यवाही जारी रहे और वह मुकदमे के दौरान पहचान पर विवाद न करे।
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