जीरकपुर। दिवाली के दिन 20 अक्तूबर को लोहगढ़ क्षेत्र में 24 वर्षीय युवक सूरज पोटाश गन में पोटाश भरते समय धमाका होने से बुरी तरह से झुलस गया था। चंडीगढ़ पीजीआई में इलाजरत उसकी हालत आज भी गंभीर बनी हुई है।
20 अक्तूबर को सूरज लोहे की पाइप से देसी तरीके से बनी हुई पोटाश गन में पटाखा बजाने के लिए पोटाश भर रहा था। इस दौरान अचानक जोरदार धमाका हो गया। उसके दोनों हाथ बुरी तरह से झुलस गए और कपड़ों को भी आग लग गई। आग से सूरज का मुंह भी झुलस गया। सूरज के परिजन उसे जीरकपुर के एक निजी अस्पताल में ले गए जहां से उसे चंडीगढ़ सेक्टर 32 जीएमसीएच रेफर कर दिया गया। जीएमसीएच में डॉक्टरों ने सूरज की गंभीर हालत को देखते हुए उसे पीजीआई रेफर कर दिया जहां पर सूरज उपचाराधीन है। वहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।
इतना बड़ा हादसा होने के बावजूद लोग ऐसी पाइप से बनी पोटाश गन से पटाखे चलाए जाते हैं जबकि ऐसा करने की मनाही है। बुधवार को दिनदहाड़े कुछ युवक लोहगढ़ के श्री विश्वकर्मा सनातन धर्म मंदिर के पास भी पोटाश गन से पटाखे बजाते हुए देखे गए हैं।
पोटाश के कारण आग लगने से घायल हुआ युवक सूरज अभी पीजीआई में उपचाराधीन है। मामले की गहनता से जांच कर रहे हैं। जांच के बाद ही पता चलेगा के असल में यह घटना किस चीज से और कैसे हुई। जांच पूरी होने के बाद अगली कार्रवाई की जाएगी।
- इंस्पेक्टर सतेंद्र सिंह, प्रभारी, थाना जीरकपुर