जीरकपुर। भबात गांव की डिस्पेंसरी का हालत बद से बदतर हो गई है। इस तरफ प्रशासन बिलकुल भी ध्यान नही दे रहा है। डिस्पेंसरी में दवाई लेने आने वाले मरीजों और स्टॉफ को काफी परेशानी हो रही है। बरसात के मौसम में डिस्पेंसरी की छत टपक रही है। इस कारण दवाइयां और अन्य सामान के खराब होने का खतरा बना हुआ है। स्टॉफ को दवाइयों और सामान के लिए बार-बार जगह बदलनी पड़ रही है। इस वजह से मरीजों को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है। डाॅक्टर जहां बैठकर मरीजों की जांच करते हैं, वह कमरा भी टपक रहा है। दीवारों पर सफेद की पपड़ी उतर रही है। सीलन के कारण कमरों में से बदबू आ रही है। डिस्पेंसरी की किचन की हालात भी बदतर हो रखी है। गांव के बहुत सारे लोग डरते हुए इस डिस्पेंसरी में दवाई लेने के लिए आते ही नहीं हैं। इस तरफ प्रशासन बिलकुल ध्यान नहीं दे रहा है।
लोगों ने कहा, कहां गई सरकार की व्यवस्था
स्थानीय ग्रामीणों और डिस्पेंसरी में दवाई लेने आए मरीजों ने सरकार के खिलाफ भड़ास निकालते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार सेहत व्यवस्था को अच्छा बनाने के दावे कर रही है। मोहल्ला क्लीनिक खोले जा रहे हैं, जो पुराने अस्पताल या डिस्पेंसरियां हैं उनकी हालात बहुत ज्यादा खराब है। पहले उनका सुधार करना चाहिए और फिर आगे काम किया जाना चाहिए। लोगों ने बताया के भले कुछ महीने से दवाई लगभग यहां मिल रही है लेकिन डिस्पेंसरी की हालात खस्ता होने के कारण यहां लोगों ने आना ही बंद कर दिया है। लोगों ने सरकार से मांग की के झूठे दावे करने की बजाए, सेहत सिस्टम को अच्छी नियत के साथ ठीक किया जाए, ताकि लोग असल में उसका फायदा ले सकें।
मैं यहां दवाई लेने के लिए आया था। डिस्पेंसरी की हालत बहुत बुरी है। हेल्थ सेंटर के नाम पर यहां कुछ नहीं है। हर तरफ घास उगी हुई है। छत टपक रही है। घास भी उगी हुई है। जैसे पुराने समय में गांवों के कच्चे मकानों के ऊपर घास ऊगी रहती थी। कम से कम बिल्डिंग की रिपेयर तो सरकार को कर देनी चाहिए। संजय शर्मा, निवासी नाभा साहिब।
मैं अपनी घरवाली की दवाई लेने के लिए आया था। छत टपकने के कारण खड़े होने का मन भी नही कर रहा है। सीलन व बदबू बहुत ज्यादा है। सरकार को इस तरफ ध्यान देना चाहिए। पंजाब सरकार तो सेहत व्यवस्था को ठीक करने का वादा करके ही सत्ता में आई थी। लेकिन तीन वर्ष बीत जाने के बाद भी सेहत व्यवस्था डगमगाई हुई है। लोगों से पता चला है के यहां सांप आदि भी निकल रहे है। आसपास इतना झाड़ हो तो सांप तो निकलेंगे ही सही। कम से कम सफाई तो करवा देनी चाहिए। - पप्पू सिंह, शिवा एनक्लेव भबात
मैं अभी चेक करवाती हूं कि यह डिस्पेंसरी हमारे पास है या नहीं। अगर है तो कल ही टीम से स्टेटस चेक करवा लेती हूं। - सोनम चौधरी, एडीसी मोहाली