खरड़। पिछले मंगलवार को खरड़ के एक गंदे नाले से बोरी में लिपटी मिली 20-22 वर्षीय युवती की लाश की पहचान का पता लगाने में खरड़ पुलिस को अभी तक कोई सफलता नहीं मिली है। शव की पहचान न होने के कारण सरकारी अस्पताल खरड़ की मोर्चरी में रखवाया गया है।पुलिस जांच अधिकारी अश्वनी कुमार ने बताया कि 14 मई को मिली लाश को पुलिस ने पहचान के लिए सरकारी अस्पताल खरड़ की मोर्चरी में रखा हुआ है। अलग-अलग क्षेत्रों से लापता लड़कियों के मामले को लेकर अब तक चार परिवार लाश की पहचान करने के लिए पहुंचे हैं, लेकिन किसी भी परिवार ने पहचान नहीं की है। डीएसपी खरड़ कर्ण सिंह संधू ने अब लाश को पहचान के लिए कुछ और समय तक रखने का फैसला किया है और जांच अधिकारी को इस मामले की गहराई से जांच करने के आदेश दिए हैं।
ऐसे मामलों में नियमों के अनुसार 72 घंटे के बाद लाश को लावारिस मानते हुए पोस्टमार्टम करवाना जरूरी है, लेकिन इस मामले में हत्या का शक होने पर पुलिस ने मोर्चरी में रखा हुआ है। बता दें कि 14 मई को स्थानीय लोगों ने एक गंदे नाले में बोरी में बंधी हुई इस लाश की सूचना पुलिस को दी थी। पुलिस ने जब लाश को बाहर निकाला तो यह पूरी तरह गली हुई थी और एक पिंजर के रूप में दिखाई दे रही थी।