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आरोप लगाने वाला पार्टी वर्कर विक्रम धवन मानसिक रूप से बीमार, जारी किया प्रमाण पत्र

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जीरकपुर। आम आदमी पार्टी के विधायक कुलजीत सिंह रंधावा के पीए की ओर से बलटाना पुलिस चौकी के पूर्व इंचार्ज से तबादले के नाम पर मांगी गई एक लाख रुपये की रिश्वत के आरोपों का शुक्रवार को विधायक ने एक वीडियो जारी करके जवाब दिया है। इस वीडियो में विधायक रंधावा चौकी इंचार्ज की ओर से हस्ताक्षर किया गया हलफनामा और पार्टी वर्कर विक्रम धवन के मानसिक रूप से बीमार होने का प्रमाणपत्र दिखा रहे हैं। साथ ही मीडिया से अपील कर रहे हैं कि उनकी ओर से जारी किए जाने वाले प्रमाणपत्रों को प्रकाशित करें। रही बात उनके पीए नितिन लूथरा की ओर से रिश्वत लेकर चौकी इंचार्ज को बदलने की, तो इसके लिए वह हर तरह की जांच के लिए तैयार हैं। वह कह रहे हैं कि इस जांच के दौरान अगर आरोपों में जरा सी भी सच्चाई हुई तो वे राजनीति छोड़ देंगे।
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जानकारी के मुताबिक बलटाना निवासी विक्रम धवन आप के जिला व्यापार मंडल में संयुक्त सचिव हैं। उन्होंने विधायक कुलजीत सिंह रंधावा के पीए नितिन लूथरा पर बलटाना के पूर्व चौकी इंचार्ज से एक लाख रुपये रिश्वत न देने पर उसका तबादला करने का आरोप लगाया था। साथ ही रिश्वत न देने पर नितिन लूथरा ने पुलिस विभाग के आलाधिकारियों पर दबाव बनाकर बलटाना चौकी इंचार्ज का तबादला जीरकपुर पुलिस थाने में करवा दिया। इस बात का खुलासा तब हुआ जब विक्रम धवन ने किसी केस को लेकर पूर्व चौकी इंचार्ज बरमा सिंह से फोन पर बात की। जिसमें बरमा सिंह ने बताया कि रंधावा के पीए ने एक लाख रुपये की रिश्वत मांगी। जब यह रकम देने का विरोध किया तो पीए नितिन ने उसका तबादला जीरकपुर पुलिस थाने में करवा दिया। दूसरी ओर, विक्रम धवन ने बरमा सिंह से हुई बातचीत को रिकॉर्ड कर लिया, जिसे सीएम भगवंत मान की ओर से जारी एंटी करप्शन नंबर पर शिकायत के साथ दर्ज करवा दी।
विधायक रंधावा ने फेसबुक पर जारी किया वीडियो
शुक्रवार सुबह विधायक कुलजीत सिंह रंधावा ने फेसबुक अकाउंट से एक वीडियो जारी किया। इसमें विधायक रंधावा ने कहा कि पिछले 2 दिनों से उनके और पार्टी के खिलाफ जो खबरें बनाई जा रही हैं, वो सरासर झूठ है। जबकि उनके पास तो कोई पीए नितिन लूथरा नहीं, जिसका पता विधानसभा से जानकारी लेकर लगाया जा सकता है। जबकि पुलिस अधिकारियों की हुई बदली रूटीन कार्यवाही का हिस्सा है, जिसको बलटाना चौकी इंचार्ज की बदली के साथ जोड़कर पेश किया गया। रही बात बलटाना पुलिस चौकी इंचार्ज से पीए नितिन लूथरा द्वारा एक लाख रुपये रिश्वत मांगने की तो इसमें कोई सच्चाई नहीं, बल्कि आरोप लगाने वाला कोई और नहीं। हमारी पार्टी का कार्यकर्ता हैं, जो मानसिक रूप से बीमार है, जिसका प्रमाण पत्र हमारे पास मौजूद हैं। वीडियो में विधायक रंधावा विक्रम धवन की मेडिकल रिपोर्ट के अलावा पूर्व चौकी इंचार्ज बरमा सिंह द्वारा हस्ताक्षर किया हलफनामा भी दिखा रहे हैं। पूर्व चौकी इंचार्ज बरमा सिंह इस हलफनामे में कबूल किया है कि उन्हें कोई फोन नहीं आया और न ही उनसे किसी तरह की रिश्वत मांगी गई है।
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कोट
विधायक रंधावा जी! अगर मेरा मानसिक संतुलन खराब है तो विधानसभा चुनाव में मुझसे रात 12-12 बजे तक काम क्यों करवाया गया? इसका जवाब दें विधायक। नितिन लूथरा को विधायक रंधावा अपना पीए मानने से इंकार कर रहे हैं तो मुझे छोड़कर पार्टी के अन्य वर्कर से पूछकर जांच करवा सकते हैं कि कौन हमें पीए बनकर ऑर्डर देता था। अगर विधायक रंधावा को लगता है कि आरोप निराधार हैं तो पार्टी इसकी जांच करवा लें। दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। -विक्रम धवन, संयुक्त सचिव, जिला व्यापार विंग, आम आदमी पार्टी।
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