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Mohali News: लिखित आश्वासन मिलने के बाद ही खत्म होगा आंदोलन

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मोहाली। गमाडा की एरोट्रोपोलिस प्रोजेक्ट के विस्तार के लिए किए जाने वाले भूमि अधिग्रहण के खिलाफ किसानों का आंदोलन लगातार जारी है। 25 मार्च से गमाडा कार्यालय के बाहर किसान भूख हड़ताल पर बैठे हैं। इस रार के मध्य प्रशासन और किसानों के बीच हुई बैठक में कई मांगों पर सहमति बनने के संकेत मिले हैं, लेकिन किसान लिखित आश्वासन मिलने तक आंदोलन खत्म करने के लिए तैयार नहीं हैं। मामले में सोमवार को सर्किट हाउस में करीब डेढ़ घंटे तक बैठक हुई। इसमें पुड्डा के प्रमुख सचिव विकास गर्ग, गमाडा की मुख्य प्रशासक साक्षी साहनी, भूमि अधिग्रहण कलेक्टर रोहित जिंदल, सीवरेज बोर्ड के चेयरमैन डॉ. सनी आहलूवालिया और आप नेता सतिंदर जैन शामिल हुए। किसानों की ओर से जगरूप सिंह कुरड़ी, गुरप्रताप सिंह बड़ी, हरमिंदर सिंह पत्तों, एडवोकेट गुरवीर सिंह अंटाल, मुख्तियार सिंह सरपंच कुरड़ा, सुखविंदर सिंह सरपंच बाकरपुर, सतीश कुमार और दविंदर सिंह बड़ी शामिल हुए।
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इन पर बनी सहमति
बैठक में लैंड पूलिंग में किसानों को प्लॉट देने, कॉर्नर और मुख्य सड़कों पर रिहायशी और काॅमर्शियल प्लॉट आवंटित करने, सीडी फीस माफ करने और सुविधा प्रमाण पत्र की अवधि बढ़ाने जैसे मुद्दों पर सहमति बनी। हालांकि लैंड पूलिंग क्षेत्र बढ़ाने की मुख्य मांग पर पूरी सहमति नहीं बन सकी। प्रशासन ने 20 वर्ग गज रिहायशी और 10 वर्ग गज काॅमर्शियल क्षेत्र बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है। इसे किसानों ने अपर्याप्त बताकर खारिज कर दिया। किसानों ने कहा कि वे इस प्रस्ताव पर सभी प्रभावित गांवों से चर्चा करने के बाद ही अंतिम फैसला लेंगे। किसानों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर लिखित रूप में आश्वासन नहीं दिया जाता, तब तक भूख हड़ताल जारी रहेगी। इस बीच सेखनमाजरा गांव के किसान भूख हड़ताल पर बैठे और गमाडा व पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।



यह है एरोट्रोपोलिस प्रोजेक्ट
एरोट्रोपोलिस प्रोजेक्ट गमाडा की एक प्रमुख योजना है। इसका उद्देश्य मोहाली अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के आसपास आधुनिक शहरी ढांचा विकसित करना है। इस प्रोजेक्ट के तहत रिहायशी, व्यावसायिक और औद्योगिक क्षेत्रों का विकास किया जाना है। इससे क्षेत्र में निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
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