मोहाली। डेराबस्सी में एक घर में घुसकर मारपीट करने और बाद में सिविल अस्पताल में युवकों पर हमला कर हंगामा करने के मामले में नामजद मुकंदपुर (मोहाली) निवासी राजेश कुमार की नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी है। अतिरिक्त जिला सत्र न्यायाधीश की अदालत ने सरकार और बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद यह निर्णय दिया। अदालत में कहा गया कि जमानत पर रिहा करने से निष्पक्ष जांच प्रक्रिया बाधित होने और मामले की कार्यवाही में देरी होने का डर है। सह-आरोपियों के साथ उसकी मिलीभगत से इनकार नहीं किया जा सकता। इसी कारण जमानत याचिका खारिज कर दी गई।
आरोपी राजेश के खिलाफ आरोप है कि उसने अपने साथियों के साथ मिलकर शिकायतकर्ता के साथ दुर्व्यवहार किया और शिकायतकर्ता के घर में जबरन घुस गया। शिकायतकर्ता को पूरी भीड़ ने पीटा और जब वह डेराबस्सी के सिविल अस्पताल के आपातकालीन वार्ड में गया, तो उसने देखा कि आरोपी के साथी वहां पहले से ही मौजूद थे। इसके बाद दोनों विरोधी पक्ष सिविल अस्पताल में ही आपस में भिड़ गए और आरोपी हनी पंडित, नरेश कुमार और मनीष कुमार ने अस्पताल में लगे बैरिकेड स्टैंड लेकर शिकायतकर्ता के सिर पर वार कर दिया। इससे उसके सिर से खून बहने लगा। सह-आरोपी अनिल कुमार उर्फ हनी पंडित ने मोहित की कैंची और अंग्रेज सिंह ने पेचकस लेकर शिकायतकर्ता के सिर और शरीर के अन्य हिस्सों पर वार किए।