आरोपी के घर 15 दिन पहले आरपीजी व हथियार रखे गए थे, आरोपियों को भी दी थी शरण
हमले के समय भी आरोपी चढ़त सिंह और निशान सिंह के संपर्क में था, पुलिस जांच में जुटी
अमर उजाला ब्यूरो
मोहाली /चंडीगढ़। मई-2022 में पंजाब पुलिस के मोहाली स्थित खुफिया मुख्यालय पर हुए रॉकेट प्रोपेलड ग्रेनेड (आरपीजी) हमले में अहम भूमिका निभाने वाले आतंकी लखवीर सिंह लंडा के करीबी को पुलिस ने दबोचा है। आरोपी के घर पर हमले में प्रयोग आरपीजी को कुछ दिन रखा गया था। साथ ही उसने शूटरों काे पनाह दी थी। आरोपी की पहचान गुरपिंदर उर्फ पिंदू निवासी खेमकरन के गांव भूरा कोना के रूप में हुई है। डीजीपी पंजाब गौरव यादव ने बताया कि हमले के समय वह मुख्य आरोपी चढ़त सिंह और निशान सिंह के संपर्क में था। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है।
पुलिस की जांच में सामने आया कि हमले से ठीक 15 दिन पहले 25 अप्रैल को आरोपी चढ़त सिंह, निशान सिंह और बलजिंदर रैंबो आरपीजी और असाल्ट राइफल की खेप को तरनतारन से अमृतसर से ले आए थे। फिर उन्होंने इस खेप को खेप अमृतसर के अल्फा मॉल के नजदीक पिंदू के घर पर रखा था। आरोपी ने उसी रात हमले में शामिल दोनों शूटरों-दीपक और एक नाबालिग को अपने घर में पनाह भी दी थी। याद रहे कि गुरपिंदर पिंदू की गिरफ्तारी से पंजाब पुलिस इस मामले में अब तक नौ आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जिसमें एक नाबालिग भी था। उसे दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया था। एक अन्य आरोपी दीपक कुमार को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने हाल ही में गिरफ्तार किया है, जिससे गिरफ्तारियों की कुल संख्या 11 हो गई है। अब पकड़े गए आरोपियों में चढ़त सिंह, निशान सिंह, जगदीप सिंह, बलजिंदर सिंह रैंबो, कंवरजीत सिंह बाठ, अनंतदीप सिंह सोनू, बलजीत कौर सुखी, लवप्रीत सिंह विक्की को पंजाब पुलिस ने पहले ही गिरफ्तार कर लिया था।
हमले में नहीं हुआ था जानी नुकसान
नौ मई को शाम के पौने आठ बजे के करीब पंजाब पुलिस के खुफिया मुख्यालय पर हमला हुुआ था। आरपीजी ने जिस कमरे को हिट किया था, उसमें उस समय कोई भी मौजूद नहीं था। ऐसे में जानी नुकसान होने से बच गया था। इस मामले में अब तक पुलिस दो आरोप पत्र अदालत में दायर कर चुकी है।