विजिलेंस मामलों के विरोध में तहसीलदार हड़ताल पर, नहीं हुई रजिस्ट्रीमोहाली/जीरकपुर/डेराबस्सी। पंजाब राजस्व अधिकारी संघ ने पंजाब सरकार और विजिलेंस विभाग की कार्रवाई की निंदा करते हुए शुक्रवार दोपहर से सामूहिक अवकाश पर जाने का फैसला किया था। इस विरोध प्रदर्शन के चलते सोमवार को मोहाली, जीरकपुर और डेराबस्सी तहसील में मौजूद तहसीलदार और नायब तहसीलदार सामूहिक अवकाश पर चले गए। इसके चलते किसी भी तहसील में रजिस्ट्री का काम नहीं हुआ। इसके चलते लोग तहसीलों में अपने प्लाॅट और जमीन की रजिस्ट्री कराने के लिए दिनभर जद्दोजहद करते रहे।
तहसीलदार बीरकरण सिंह ने कहा कि पिछले दो दिनों के दौरान विभिन्न तहसीलों में विजिलेंस विभाग की ओर से की गई छापेमारी और विशेष रूप से तहसील मानसा आदि से सरकारी रिकार्ड को गायब करना अत्यंत गैर कानूनी, अनुचित, असहनीय तथा निंदनीय है। उन्होंने पंजाब सरकार और विजिलेंस विभाग की इस गैर जिम्मेदाराना कार्रवाई की निंदा की। जब तक उपरोक्त मुद्दों का समाधान नहीं हो जाता, सभी राजस्व अधिकारी सामूहिक अवकाश पर रहेंगे।
उन्होंने कहा कि पंजीकरण का कार्य राजस्व अधिकारियों का प्राथमिक कार्य नहीं है। नियमों के अनुसार सरकार यह कार्य किसी अन्य व्यक्ति/विभाग से भी करा सकती है। इसलिए इस कलंक को अपने माथे से हमेशा के लिए मिटाने के लिए पंजाब रेवेन्यू ऑफिसर्स एसोसिएशन रजिस्ट्रेशन का कार्य छोड़ती है, सरकार को यदि उस पर भरोसा हो तो वह यह कार्य किसी भी व्यक्ति/विभाग से करवा सकती है जिसे वह उचित समझें।
उन्होंने कहा कि पिछले दिनों राजस्व विभाग के 10-12 सीआरओ को रिवर्ट किया गया है, जो कि पूरी तरह से गलत है, क्योंकि रिवर्जन ऑर्डर में लिखा है कि उनसे वर्तमान ड्यूटी चार्ज वापस लिया जाता है, जबकि वर्ष 2020 में उन्हें नियमित रूप से पदोन्नत करने के आदेश दिए गए थे, न कि वर्तमान ड्यूटी चार्ज के साथ पदोन्नत करने के। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार को तुरंत इस रिवर्जन ऑर्डर को वापस लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि पंजाब सरकार ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया और उनका समाधान नहीं किया तो वे अनिश्चितकाल के लिए रजिस्ट्रियां बंद करके अपना रोष प्रकट करेंगे।