मोहाली। भले ही राज्य सरकार वीआईपी शहर मोहाली को सिंगापुर और दुबई की तर्ज पर बसाने की दिशा में काम रही है। इसके साथ ही पर्यावरण बचाने को पौधे लगाने के साथ कई जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित कर रही है।
लेकिन सड़कों पर रोजाना दौड़ते सैकड़ों डीजल-पेट्रोल वाले वाहनों से शहर में पर्यावरण प्रदूषण बढ़ता ही जा रहा है। क्योंकि अगर लोग प्रदूषण मुक्त साइकिल का इस्तेमाल करना चाहें भी तो कैसे करेंगे, क्योंकि शहर में अभी तक साइकिल ट्रैक ही नहीं बनाए गए हैं।
इस दिशा में मोहाली प्रशासन ने पड़ोसी शहर चंडीगढ़ और पंचकूला से भी सबक नहीं सीखा है। दोनों शहरों में रोड के किनारों पर साइकिल ट्रैक बनाए गए हैं। लोगों को साइकिल किराए पर मिल रही है। लेकिन मोहाली में यह प्रोजेक्ट अधर में ही लटक गया। नगर निगम के कमिश्नर कमल कुमार गर्ग का कहना है कि साइकिल ट्रैक का प्रस्ताव बनाकर सरकार भेजा हुआ है। वहां से मंजूरी मिलने के बाद ही इस दिशा में काम शुरू हो पाएगा।
मिली जानकारी के मुताबिक पिछले साल अगस्त, 2019 में हाउस की मीटिंग मेें मोहाली में साइकिल ट्रैक बनाने की दिशा में प्रस्ताव बनाकर भेजा गया था। इस पर करीब 2.27 करोड़ रुपये की लागत आनी है। साइकिल ट्रैक के लिए निगम ने फेज-11 से इंडस्ट्रियल एरिया से फेज-7 तक के एरिया को चुना हुआ है। इस एरिया को चुनने की खास वजह भी थी कि एक तो उक्त रोड के किनारे पर इंडस्ट्रियल एरिया पड़ता है, जहां हजारों लोग रोजाना फैक्ट्रियों में काम के लिए साइकिल पर निकलते हैं। दूसरा रोड के किनारों पर पहले ही साइकिल ट्रैक बनाने के लिए काफी जगह खाली पड़ी है।
हालांकि यह रोड के लेफ्ट साइड ही बनेगा। दूसरी तरफ मार्किंग होगी। यह बाबा व्हाइट हाउस, नाइपर, फारेस्ट भवन, कुंभड़ा लाइट प्वाइंट, पीसीए लाइट प्वाइंट और स्पाइस लाइट प्वाइंट से होता हुआ श्मशानघाट तक जाएगा। जहां पर साइकिल ट्रैक का निर्माण आसानी से किया जा सकता है। रोड के लिए जमीन की निशानेदही और अन्य सभी एस्टीमेट बना लिए गए हैं। यह साइकिल ट्रैक करीब 6 किलोमीटर लंबा रहेगा। निगम की कोशिश है कि यह काम जल्द शुरू हो जाए, क्योंकि यह साइकिल ट्रैक पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर बनाया जाना था। इसके बाद उसे पूरे राज्य में लागू किया जाना था। इससे पहले वाईपीएस चौक से गुरुद्वारा श्री सिंह शहीदां रोड पर साइकिल ट्रैक बनाने का प्लान तैयार किया गया था। इसके लिए एक प्राइवेट कंपनी से सर्वे तक करवाया गया था। लेकिन प्रोजेक्ट में कई मुश्किलें थीं। इसे गमाडा की तरफ से मंजूरी भी नहीं मिली थी। आखिर में उक्त प्रोजेक्ट को कैंसिल कर दिया गया था।
चंडीगढ़ सीमा तक बने हैं साइकिल ट्रैक
चीगढ़ प्रशासन ने अपने स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत अपने तकरीबन सभी एरिया में साइकिल ट्रैक बना दिए हैं। जिसमें मोहाली की सीमा तक साइकिल ट्रैक बने हुए हैं। जहां पर साइकिल ट्रैक के लिए चंडीगढ़ को जगह नही मिली। वहां पर मेन रोड पर ही साइकिल ट्रैक के लिए रेड निशान लगाकर काम चलाया गया है।