मोहाली। दिल का मामला है... इसलिए इसका पूरा ध्यान रखकर इसे संभालकर रखें और लंबी उम्र जिएं। जी हां, एक रिसर्च के अनुसार 35 वर्ष से अधिक लोगों में दिल के दौरे के मामलों में भारत दुनिया में शीर्ष पर है और अगले दशक तक हृदय रोग भारत में मृत्यु और विकलांगता का सबसे बड़ा कारण होगा। यह कहना है कार्डियक साइंसेज के चेयरमैन डॉ. एचके बाली का। यह बात उन्होंने विश्व हृदय दिवस के मौके पर मोहाली में आयोजित मेगा वॉकथान के दौरान कही।
इस वॉकथान में डॉक्टरों और पैरा मेडिकल स्टाफ और सीनियर सिटीजन एसोसिएशन चंडीगढ़ और मोहाली के सदस्यों, के साथ आरडब्ल्यूए एसोसिएशन सेक्टर-71 मोहाली के सदस्यों और सीजीसी लांडरां के विद्यार्थियों सहित 300 लोगों ने भाग लिया। वॉकथान को कार्डियक साइंसेज के चेयरमैन डॉ. एचके बाली, कार्डियोलॉजी के एसोसिएट डायरेक्टर डॉ. राकेश शर्मा, कार्डियोलॉजी के सीनियर कंसल्टेंट डॉ. रुचिर रस्तोगी और चंडीगढ़ सीनियर सिटीजन एसोसिएशन के अध्यक्ष एससी अग्रवाल ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाई।
इस मौके पर डॉ. एचके बाली ने कहा कि 35 साल से अधिक पुरुषों में दिल के दौरे के मामले में भारत दुनिया में शीर्ष पर है और अगले दशक तक हृदय रोग भारत में मृत्यु और विकलांगता का सबसे बड़ा कारण होगा। हृदय रोग से पीड़ित लोगों की औसत आयु कम हो रही है और इन दिनों हमारे पास 25 वर्ष से कम उम्र के मरीज दिल के दौरे के साथ हमारे पास आ रहे हैं।
भारत में करीब 30 मिलियन लोग कोरोनरी धमनी रोग से पीड़ित हैं। भारत में जल्द ही दुनिया में हृदय रोग के सबसे ज्यादा मामले होंगे। इसके अलावा भारत में 27% मौतें हृदय संबंधी बीमारियों के कारण होती हैं। डॉ. बाली ने कहा कि अब बड़ी संख्या में युवा भारतीय अपनी खराब जीवनशैली के कारण कोरोनरी धमनी रोग से पीड़ित हैं, और अगर यह जारी रहा तो भविष्य और भी खतरनाक दिखता है।
हृदय रोग के जोखिम को कम करने के तरीके
धूम्रपान न करें
उच्च रक्तचाप, मधुमेह और कोलेस्ट्रॉल जोखिमों को जानें
स्वस्थ रहकर उम्र के मुताबिक वजन बनाए रखें
नियमित व्यायाम करें
कम संतृप्त वसा, अधिक सब्जियां और अधिक फाइबर खाएं
अपने लिपिड की जांच कराएं और ट्रांस फैट से बचें
शराब से बचें/संयमित मात्रा में सेवन करें
वार्षिक निवारक स्वास्थ्य पैकेज अपनाएं
योग, ध्यान द्वारा अपने तनाव को प्रबंधित करें
अपने होमोसिस्टीन स्तर को जानें
इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
सीने में बेचैनी, दर्द, जकड़न या दबाव
मतली, अपच, सीने में जलन या पेट दर्द
दर्द जो बांह तक फैल जाता है
चक्कर आना या रक्तचाप में अचानक गिरावट
आपकी छाती के बीच में दर्द या दबाव जो आपके गले या जबड़े तक फैल जाता है
तेज चलने या सीढ़ियां चढ़ने पर सांस फूलना
ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एप्निया में अत्यधिक खर्राटे आना
बिना किसी स्पष्ट कारण के पसीना आना
अनियमित दिल की धड़कन
गुलाबी या सफेद बलगम के साथ लंबे समय तक चलने वाली खांसी
टांगों, पैरों और टखनों में सूजन