मोहाली। चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी ने पर्यावरण कानून और संवैधानिक अधिकार एक वैश्विक परिप्रेक्ष्य विषय पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का शनिवार को आयोजन किया। इस सम्मेलन के मुख्य अतिथि केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल थे, जिन्होंने पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन के बारे में बताते हुए कहा कि पर्यावरण की रक्षा करना व अपनी धरती को जलवायु परिवर्तन से बचाना सभी के लिए अनिवार्य है।वहीं, पहले से ही मौसम की घटनाओं के कारण आ रही प्राकृतिक आपदाओं और उससे होने वाली भयानक तबाही को लोग देख रहे हैं। जैसे अपने शरीर की देखभाल करते हैं उसी प्रकार हमें पर्यावरण की भी देखभाल करनी चाहिए। उन्होंने उपस्थित गणमान्य अतिथियों, फैकल्टी एवं छात्रों से पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेने का आग्रह भी किया।
इस दौरान सीयू के चांसलर ने कहा कि पर्यावरण का मुद्दा तब तक हल नहीं हो सकता, जब तक यह एक जन आंदोलन नहीं बन जाता। सीयू पर्यावरण को एक विषय के रूप में पढ़ाने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन पर सामाजिक इंटर्नशिप शुरू करने वाली भारत की पहली यूनिवर्सिटी है। इस के अंतर्गत छात्र अनिवार्य रूप से पर्यावरण संरक्षण के लिए समाज में व्यावहारिक कार्य करेंगे। इस सम्मेलन में चार देशों के सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश, छह देशों के उच्च न्यायालय के न्यायाधीश, 100 से अधिक वकील, विभिन्न बार काउंसिल के 50 सदस्य, विभिन्न प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के 100 सदस्य और विभिन्न लॉ स्कूलों के लगभग 400 छात्रों और फैकल्टी ने भाग लिया।