मोहाली। जिला बनने पर डीसी ऑफिस के लिए एक करोड़ की लागत से फेज-1 में बना शैड अब लावारिस है। जिस पर अवैध कब्जे हो रहे हैं। 125 फीट चौड़े एवं 150 फीट लंबे इस शैड की गमाडा सुध तक नहीं ले रहा। जहां एक ओर वीआईपी सिटी की सड़कों पर घूम रहे लावारिस पशुओं को रखने के लिए जगह नहीं है, वहीं दूसरी ओर यह लंबा चौड़ा शैड अवैध कब्जे का शिकार होता जा रहा है।
गामाडा की लावारिस पड़ी इस संपत्ति का मुद्दा पुडा के रिटायर्ड एक्सईएन एनएस कलसी ने उठाया है। मोहाली के मास्टरप्लान में एनएस कलसी का अहम योगदान रहा है। कलसी ने गमाडा की लावारिस पड़ी इस संपत्ति का मुद्दा आवास एवं शहरी विकास विभाग के प्रमुख सचिव के सामने उठाया है। इसके साथ ही गमाडा और नगर निगम को भी इस संपत्ति के इस्तेमाल के सुझाव दिए हैं। मोहाली के जिला बनने पर यहां फेज-1 में डीसी ऑफिस बनाया गया। डीसी ऑफिस बनने पर वकीलों, वसीका नवीसों व स्टांप विक्रताओं के बैठने के लिए शैड बनाया गया। 125 फीट चौड़े एवं 150 फीट लंबे इस शैड के निर्माण पर तब एक करोड़ की लागत आई थी। शैड में पीने के पानी और बिजली का इंतजाम भी है। चार साल पहले नया प्रबंधकीय कांप्लेक्स बन जाने पर डीसी ऑफिस शिफ्ट हो गया। तब से यह शैड लावारिस हालत में है। इस पुराने डीसी ऑफिस में 200 फीट चौड़ी और 150 फीट लंबी जगह पार्किंग के लिए छोड़ी गई थी। पिछले चार साल से गमाडा की ओर से इस जगह की सुध न लिए जाने से यह अवैध कब्जों से घिर गई है। लोगों ने यहां अपने दुधारू पशु बांधने के साथ ही यहां अपना डेरा डालना शुरू कर दिया है।
मोहाली के मास्टरप्लान में अहम भूमिका निभाने वाले रिटायर्ड एक्सईएन एनएस कलसी इस लावारिस पड़े इस शैड में हो रहे अवैध कब्जों का मामला आवास एवं शहरी विकास विभाग के प्रमुख सचिव के सामने उठाया है। कलसी ने प्रमुख सचिव को खत लिए इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। ताकि इस सार्वजनिक संपत्ति को अवैध कब्जे से बचाया जा सके। कलसी ने मोहाली के निगम कमिश्नर और गमाडा के मुख्य प्रशासक को भी खत भेज कर इस संपत्ति के इस्तेेमाल के सुझाव दिए हैं। जिससे न सिर्फ इसे अवैध कब्जों से बचाया जा सके, बल्कि इसे आमदनी का जरिया बनाया जा सके।
एनएस कलसी का कहना है कि शहर में लावारिस पशुओं की समस्या विकराल रूप धारण करती जा रही है। इंडस्ट्रियल एरिया की गौशाला में अब लावारिस पशुओं को रखने की जगह नहीं बची है। लालड़ू कैटल प्वांइट का प्रोजेक्ट भी लंबे समय से लटकता आ रहा है। ऐसे में इस बने बनाए शैड का इस्तेमाल कर लावारिस पशुओं को यहां रखा जा सकता है। 125 फीट चौड़े और 150 फीट लंबे इस तैयार शैड के साथ 200 फीट लंबी और 150 फीट चौड़ी खाली जगह भी है। जिसका इस्तेमाल कर यहां सैकड़ों लावारिस पशुओं को रखा जा सकता है। जिससे न सिर्फ शहर को लावारिस पशुओं से निजात मिलेगी, बल्कि गमाडा की संपत्ति का इस्तेेमाल भी हो सकेगा।
एनएस कलसी कहते हैं कि हर साल 31 मार्च को गमाडा स्टॉक वेरिफिकेशन करता है। जिसमें उसकी संपत्ति और उसके इस्तेमाल का ब्यौरा पेश किया जाता है। कलसी ने हैरानी जताई कि गमाडा ने शहर के बीचों बीच अपनी इस अहम संपत्ति के लिए कोई योजना ही नहीं बनाई। कलसी ने एक और सुझाव देते हुए कहा कि गोदामों की कमी होने के कारण बड़ी संख्या में अनाज में खुले में तिरपाल से ढ़क कर रखा जाता है। जो मौसम की मार से खराब हो जाता है। गमाडा अपने इस शैड को एफसीआई या मंडी बोर्ड को भंडारण के लिए किराए पर भी दे सकता है। जिससे जहां एक ओर इसका सही इस्तेमाल हो सके, वहीं गमाडा को आमदनी भी हो।