स्वच्छ सर्वेक्षण-2022 में वीआईपी सिटी मोहाली को इस बार झटका लगा है। इस साल 32 पायदान नीचे गिरकर जिले को देशभर में 113वीं रैंक मिली है। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस बार राज्य में मोहाली को तीसरी रैंक मिली है। वहीं पिछले साल मोहाली की 81वीं रैंक थी। इस बार रैंकिंग गिरने के पीछे सबसे बड़ा कारण मशीनों से सफाई का ठेका छह महीने से न होना है।
विधानसभा चुनाव से पहले जिले में सफाई मशीनों से होती थी। वहीं रात को फुटपाथों की धुलाई भी होती थी। इस बीच विधानसभा चुनाव से एन पहले मशीनों से सफाई का ठेका बंद हो गया। वहीं, आचार संहिता लगने के कारण नया टेंडर नहीं लग सका। इसके बाद जब शहर में सफाई व्यवस्था बिगड़ गई तो निगम मैनुअल सफाई करवाने लगा।
इससे सफाई व्यवस्था में कुछ खास सुधार नहीं आया। सदन की बैठक में कई बार सफाई का मुद्दा उठा। कई पार्षदों ने मशीनोें से सफाई का टेंडर जल्द करवाने के लिए कहा था ताकि स्वच्छ सर्वेक्षण की रिपोर्ट न गिर सके। इस बात को निगम ने गंभीरता से नहीं लिया और इसका नतीजा अब सबके सामने है।
ड्रेनेज ने मोहाली को डुबोया
ड्रेनेज व्यवस्था सही नहीं होने के चलते ही इसमें सबसे कम अंक मिले हैं। शहर में बरसात के दौरान कई इलाके पानी में डूब गए थे। इस कारण लोगों को काफी मुश्किल का सामना करना पड़ा था। निगम ने बरसात के दौरान जलभराव से बचने के लिए 50 हजार रुपये प्रति महीना किराए पर आठ पंप लगाए थे।
कहां मिले कितने अंक
90 प्रतिशत या उससे अधिक अंक
सड़कों की सफाई
शहर का सौंदर्यीकरण
खुले में कूड़े के डंप न होना
मार्केट एरिया की सफाई
घरेलू इलाके की सफाई
तालाबों की सफाई
50 से 75 प्रतिशत अंक
घरों से गीला-सूखा कूड़ा उठाना
सार्वजनिक शौचालय की सफाई
घरेलू इलाकों में रोजाना सफाई
लोगों की शिकायतों का निवारण
25 प्रतिशत से कम अंक
शहर में ड्रेनेज का सही न होना
सफाई में जिले की परिषदों का हाल
स्थान जोनल रैंकिंग स्टेट रैंकिंग
कुराली 3 3
जीरकपुर 6 4
खरड़ 10 6
डेराबस्सी 56 16
नयागांव 45 18
बनूड़ 100 35
लालड़ू 211 43