मोहाली। ऑटिज्म से प्रभावित बच्चों के इलाज में सिर्फ दवाएं ही पर्याप्त नहीं होतीं, बल्कि उनकी जरूरत के मुताबिक लंबे समय तक लगातार थेरेपी भी जरूरी होती है। लेकिन विशेषज्ञ सेवाओं की सीमित उपलब्धता के कारण कई परिवारों को बच्चों के इलाज के लिए लगातार परेशान होना पड़ता है। ऐसे परिवारों के लिए सेक्टर-79 स्थित ऑटिज्म सेंटर में शुक्रवार को विशेष जरूरतों वाले किशोरों के पालन-पोषण पर अभिभावक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस मौके विशेष तौर पर पहुंचे विधायक कुलवंत सिंह ने डॉक्टरों की टीम के साथ सेंटर में सेवाओं और आगामी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सेंटर में लड़कों के लिए छह और लड़कियों के लिए छह कमरे तैयार किए गए हैं। भविष्य में बच्चों के अभिभावकों के ठहरने की सुविधा भी विकसित करने की योजना है, ताकि दूर से आने वाले परिवारों को परेशानी न हो। विधायक ने कहा कि सेंटर की जरूरतों को पूरा करने के लिए फंड की कमी नहीं आने दी जाएगी। पंजाब सरकार से अतिरिक्त सहायता लेने के प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि लैंड प्रमोटर्स प्राइवेट लिमिटेड की ओर से सेंटर को पहले ही एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी जा चुकी है। सेंटर में डॉ. निधि मल्होत्रा, डॉ. छाया प्रसाद समेत डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की टीम बच्चों की जरूरत के अनुसार उपचार व थेरेपी उपलब्ध करा रही है। विधायक ने टीम के प्रयासों की सराहना करते हुए भविष्य में भी हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया उन्होंने बताया कि सेंटर एक महत्वपूर्ण सहारा बनकर उभर रहा है। सेंटर में अब तक 240 बच्चों को उपचार और थेरेपी सेवाएं दी जा चुकी हैं, जबकि 3000 से अधिक थेरेपी सत्र आयोजित किए जा चुके हैं। रोजाना करीब 25 से 30 परिवार अपने बच्चों को लेकर यहां पहुंच रहे हैं।