जीरकपुर। गाजीपुर क्षेत्र में सुखना चो के किनारे भारी मात्रा में दवाइयां अवैध रूप से फेंके जाने का सनसनीखेज मामला सामने आने से हड़कंप मच गया है। मामले में स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हो गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की मेडिकल टीम शनिवार को मौके का मुआयना करेगी। दवाइयों के सैंपल एकत्र कर जांच शुरू करेगी।
डॉ. गगनदीप सिंह ने कहा कि पूरे मामले की गहन जांच की जाएगी। संवाद प्रतिनिधि दूसरे दिन भी जब मौके पर पहुंचे तो वहां बड़ी संख्या में दवाइयों के पत्ते बिखरे पड़े मिले। देखने पर पता चला कि अधिकांश दवाइयां एक ही कंपनी की हैं। इनमें ऑक्सबोन-सीटी और ऑक्सविट-जी कैप्सूल के भारी मात्रा में पत्ते पड़े हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि दवाइयों पर अंकित एक्सपायरी डेट और बैच नंबर को जानबूझकर मिटाया गया है। इससे पूरे मामले में गड़बड़ी की आशंका और गहरा गई है। हालांकि दवाइयों पर ऑक्सोन कंपनी का नाम साफ तौर पर नजर आ रहा है।
स्थानीय निवासियों ने बताया कि सुखना चो के किनारे अक्सर मेडिकल वेस्ट और अन्य कचरा फेंका जाता है, लेकिन इस बार भारी मात्रा में दवाइयों का मिलना गंभीर लापरवाही और नियमों की अनदेखी को उजागर करता है। लोगों ने प्रशासन से दोषियों की पहचान कर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लग सके।
यहां काम आती है दवाइयां
मेडिकल क्षेत्र से जुड़े लोगों ने बताया कि ऑक्सबोन सीटी कैप्सूल कैल्शियम की कमी और हड्डियों की कमजोरी के लिए प्रयोग किए जाते हैं। इसके अलावा ऑक्सविट जी कैप्सूल मल्टीविटामिन कैप्सूल है जो सामान्य कमजोरी को दूर करने के लिए प्रयोग किए जाते हैं।
इस मामले की जांच के लिए गठित कमेटी शनिवार को मौके का दौरा करेगी और वहां पर मौजूद दवाइयां के सैंपल लेकर गहनता से जांच करेगी। इसमें जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। अगर इस क्षेत्र में रहने वाले किसी भी व्यक्ति के पास इस संबंधी कोई जानकारी है तो हमें दे सकता है। इससे जांच में मदद मिलेगी। - डॉ. गगनदीप सिंह, सीनियर मेडिकल अफसर, कम्युनिटी स्वास्थ्य केंद्र ढकोली