मोहाली। विदेश में उच्च शिक्षा या कॅरिअर बनाने का सपना देख रहे विद्यार्थियों और अभिभावकों के लिए जिला प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाया है। आए दिन सामने आ रहे धोखाधड़ी और गलत मार्गदर्शन के मामलों को देखते हुए जिला प्रशासन ने स्टडी अब्रॉड कंसल्टेंसी फर्मों के कामकाज में अब सख्त पारदर्शिता और जवाबदेही अनिवार्य कर दी है।
एडीसी (जनरल) और लाइसेंसिंग अथॉरिटी गीतिका सिंह ने लाइसेंस प्राप्त कंसल्टेंसी फर्मों के एसोसिएशन के साथ बैठक की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य उन विद्यार्थियों के हितों की रक्षा करना था, जो लाखों रुपये खर्च करके इन फर्मों पर भरोसा करते हैं। इस बैठक में एसडीएम मोहाली दमनदीप कौर, सहायक कमिश्नर (जी) डॉ. अंकिता कांसल, और डीएसपी अजीत पाल सिंह सहित एसोसिएशन के सदस्य मौजूद रहे।
धोखाधड़ी रोकने के लिए होगी जांच
1. सभी फर्मों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके स्टाफ सदस्यों के पास साफ पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट (पीसीसी) हो।
2. ड्यूटी के दौरान सभी कर्मचारियों को अपना आधिकारिक पहचान पत्र (आईडी कार्ड) पहनना अनिवार्य होगा।
3. जो फर्में वैध लाइसेंस के बिना काम कर रही हैं या ग्राहकों को परेशान कर रही हैं, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
4. अनाधिकृत सलाहकारों को काम करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। लाइसेंस के नवीनीकरण और नए लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया को एक निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा किया जाएगा।