सर्व शिक्षा अभियान/रमसा दफ्तरी कर्मचारी यूनियन ने सरकार के खिलाफ संघर्ष का बिगुल फूंक दिया है। यूनियन की शनिवार को एक आपात मीटिंग हुई। इसमें तय किया गया कि 31 अगस्त को होने वाली मीटिंग में उनकी मांगों को पूरा नहीं किया तो मुलाजिम संघर्ष की राह पर आ जाएंगे। इस दौरान विभाग को जो भी नुकसान होगा। उसके लिए सरकार जिम्मेदार होगी।
यूनियन के सूबा प्रधान इमरान भट्टी ने बताया कि वह 12 सालों से नौकरी कर रहे हैं। सभी मुलाजिम अपने काम को पूरी निष्ठा से कर रहे हैं। फिर भी सरकार उनकी सुध नहीं ले रही है। कई बार मीटिंगों में उनको रेगुलर करने के संबंध में विचार किया जा चुका है। लेकिन, आखिरी मौके पर सरकार पीछे हट जाती है। उन्होंने बताया कि मुलाजिमों के लंबे संघर्ष के बाद शिक्षामंत्री डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने 31 अगस्त को मीटिंग का समय दिया है। भट्टी ने कहा कि यदि मीटिंग में कोई ठोस हल नहीं निकला तो मुलाजिम अपना काम बंद कर सड़कों पर आ जाएंगे। जिक्रयोग है कि इससे पहले मुलाजिम कई बार सांकेतिक हड़ताल कर चुके है। जिससे कई बार लोगों को परेशानी उठानी पड़ी है। वहीं, अब मुलाजिमों ने आर-पार की लड़ाई का फैसला लिया है।