करीब पौने पांच महीने से संघर्ष पर चल रहे पुडा मुलाजिम वीरवार को कमलछोड़ हड़ताल पर रहे। इस दौरान पुडा भवन में सारा काम रुक गया। यहां तक कि सिंगल विंडो पर भी लोगों की सुनवाई नहीं हुई। कई लोग अपने काम करवाने के लिए पुडा भवन भी पहुंचे, लेकिन उन्हें निराश होकर लौटना पड़ा।
वहीं, इससे सरकार को लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ है। मुलाजिमों ने साफ किया है कि जल्द ही इस दिशा में कार्रवाई नहीं हुई तो संघर्ष और तेज होगा। जानकारी के मुताबिक पुडा मुलाजिमों की भूख हड़ताल वीरवार को 136वें दिन में प्रवेश कर गई। इस दौरान कुलबीर सिंह व कपूर सिंह भूख हड़ताल पर बैठे।
वहीं, दूसरी तरफ पुडा के मुलाजिम आम दिनों की तरह आफिस तो आए, लेकिन काम करने की बजाय सीधे हड़ताल में शामिल हो गए। मुलाजिमों का कहना है कि सरकार उनके साथ धक्का कर रही है। उन्होंने बताया कि उनकी मांगें जायज हैं। अगर उनकी मांगें सरकार मान जाती है तो सरकार पर किसी भी तरह का आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा। क्योंकि सारी अदायगी गमाडा की ओर से ही किया जाना है।
रैली को रघबीर सिंह, कन्वीनर बलजिंदर सिंह बिल्ला, परगट सिंह, बलबीर मसीह, सुखदेव सिंह, मनजीत सिंह, शमशेर सिंह, हरकेश सिंह, हरि सिंह, चरनजीत कौर, परमिंदर कौर, उमा जोशी, वीर चंद, नराता राम, परमजीत सिंह, भाग सिंह, कुलदीप सिंह व सतपाल लखोतरा मौजूद थे।
पुडा की इन इकाइयों में भी बंद रहा काम
मोहाली के अलावा पुडा की अन्य इकाइयों में काम बंद रहा। इनमें मोहाली, पटियाला, बठिंडा, लुधियाना, जालंधर, अमृतसर में काम पूरी तरह बंद रहा।
मुलाजिमों की मांगें
1. मुलाजिमों की पेंशन स्कीम लागू करना
2. रहते मुलाजिमों को पंजाब सरकार की फ्लैटों की स्कीम में 25 प्रतिशत फ्लैट देना
3. फिल्ड स्टाफ के बने सर्विस नियमों को लागू करना
4. डेलीवेज मुलाजिमों को नियमित करना
5. योग्यता रखते दर्जा चार मुलाजिमों को सुपरवाइजर बनाना