सफाई मुलाजिमों की अनिश्चितकालीन हड़ताल मंगलवार को छठे दिन में प्रवेश कर गई। वहीं, मुलाजिमों की हड़ताल से शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। जगह-जगह लगे गंदगी के ढेरों से बदबू उठ रही है। इससे लोगों को काफी परेशानी हो रही है। वहीं, नगर निगम ने हड़ताल को खत्म करवाने और शहर की सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करवाने की तैयारी शुरू कर दी है।
निगम कमिश्नर ने इस संबंध में डीसी को पत्र लिखा है। साथ ही मांग की है कि उन्हें पुलिस सिक्योरिटी मुहैया करवाई जाए। ताकि शहर की सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करवाया जा सके। निगम कमिश्नर उमा शंकर ने पत्र लिखने की पुष्टि की है। वहीं, हड़ताल पर चल रहे सफाई मुलाजिमों ने साफ किया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नही की जाती है, तब तक उनका संघर्ष चलता रहेेगा।
जानकारी के मुताबिक मुलाजिमों की हड़ताल से शहर की हालत खराब हो गई है। वहीं सोमवार रात हुई तेज बारिश ने स्थिति को और बिगाड़ दिया। कचरा गीला होने से उससे बदबू उठ रही है। इससे इलाके में बीमारी फैलने का खतरा पैदा हो गया है। वहीं, दूसरी ओर मुलाजिमों ने घरों से कूड़ा उठाना भी बंद कर दिया है। डंपिंग प्वाइंटों में कूड़ा भरा हुआ है। वहीं, इससे पहले मुुलाजिम फेज-दो में इकट्ठे हुए। इसके बाद मुलाजिमों ने फेज-दो से डीसी आफिस तक रोष रैली निकाली। रैली में काफी संख्या में इलाके के लोग भी शामिल हुए।
कर्मचारियों की मांगें
- ठेके वाले मुलाजिमों को रेगुलर करना
-पे कमीशन व क्लास-4 कर्मचारियों के केंद्र से अलग पे स्केल हों तैयार
सफाई व्यवस्था सुधारने पर क्या है अफसरों की दलील
निगम ने डीसी से पुलिस सुरक्षा की मांग की है। ताकि शहर में सफाई अभियान शुरू किया जा सके। डीसी अगर सुरक्षा मुहैया करवाते हैं तो जल्द ही शहर का कूड़ा उठवा दिया जाएगा।
-उमाशंकर गुप्ता, निगम कमिश्नर।
सफाई मुलाजिमों की मांगों पर राज्य सरकार फैसला ले सकती है। प्रशासनिक स्तर पर कोई निर्णय नहीं लिया जा सकता। बात रही शहर की सफाई की तो उसकी जिम्मेदारी निगम को उठानी है।
- दलजीत सिंह मांगट, डीसी