मोहाली। स्कूल-कॉलेजों में पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों के लिए अगली कक्षा में जाने के लिए परीक्षाएं देनी पड़ती हैं। इन परीक्षाओं में पास होने के लिए बच्चे काफी मेहनत करते हैं और कई बार वे स्ट्रेस भी लेते हैं। ऐसे में इनके लिए तनाव प्रबंधन करना बहुत ही जरूरी होता है।
मनोविज्ञानी डॉ. गुरप्रीत ने बताया कि परीक्षा स्ट्रेस-तनाव और चिंता ऐसी भावना है जो परीक्षा देने की स्थितियों से आती है। आने वाले टेस्ट, परीक्षा, पेपर या प्रेजेंटेशन के बारे में कुछ तनाव महसूस करना सामान्य है। वास्तव में, थोड़ा सा तनाव आपको चुनौती दे सकता है और आपको कड़ी मेहनत करने के लिए प्रेरित कर सकता है। परीक्षा तनाव तब समस्या बन जात है, जब यह आपके प्रदर्शन और सीखने के लक्ष्यों को प्राप्त करने में बाधा डाले।
परीक्षा तनाव होने के कारण
डॉ. गुरप्रीत ने बताया कि परीक्षा तनाव होने के कई कारण हो सकते हैं। कारणों में नींद पूरी न होना, पोषण पूरा न होना, अपने कोर्स से जुड़े इनपुट पूरे न होना, एक रात सारा कोर्स पूरा करना हो सकते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि एग्जाम के समय बच्चे ज्यादातर खुद से नकारात्मक बातें जैसे मैं कोर्स नहीं कर पाऊंगा, यह मेरे से नहीं हो रहा है कहकर खुद को हतोत्साहित कर लेते हैं और तनाव के घेरे में आ जाते हैं।
परीक्षा तनाव को दूर करने के तरीके
परीक्षा तनाव के कारणों को समझते हुए उसे दूर भी किया जा सकता है। मनोविज्ञानी ने बताया कि अपने परीक्षा के लिए होने के तरीके में बदलाव करना जरूरी है। खाने में हर प्रकार का पोषण लेना और नींद को पूरा करना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि खुद के साथ नकारात्मक बात न करके सकारात्मक बात जैसे मैं यह कार्य कर लूंगी कह कर प्रेरित करना जरूरी है।
परिवार-दोस्त में स्ट्रेस दूर करने में दे सकते हैं योगदान
डॉ. गुरप्रीत का कहना है कि तनाव से निपटने में परिवार और दोस्तों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है।उन्होंने बताया कि भावनात्मक समर्थन और सकारात्मक माहौल तनाव को कम करने में मदद कर सकता है। खुलकर बातचीत करना, एक-दूसरे के साथ समय बिताना और भावनात्मक सहयोग देना तनाव को दूर करने में सहायक हो सकता है।