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Mohali News: मोहाली में आवारा कुत्तों का आतंक, डॉग शेल्टर योजना फाइलों में दबी

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मोहाली। शहर में आवारा कुत्तों की लगातार बढ़ती समस्या और डॉग बाइट की घटनाओं ने एक बार फिर गमाडा और नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हैरानी की बात है कि वर्ष 2018 में गमाडा द्वारा डॉग शेल्टर और डॉग सेंटर निर्माण के लिए नगर निगम को जमीन आवंटित किए जाने के बावजूद आज तक उस पर कोई काम शुरू नहीं हो सका।
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सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इंडस्ट्रियल एरिया फेज-3 के पास 2.10 एकड़ भूमि डॉग सेंटर के लिए दी गई थी। प्रस्ताव के तहत एक एकड़ में पार्क और एक एकड़ में डॉग सेंटर बनाया जाना था, लेकिन बीते 7–8 वर्षों में न तो शेल्टर बना और न ही कोई ठोस पहल हुई। इसका नतीजा यह है कि शहर में आवारा कुत्तों की संख्या बेकाबू होती जा रही है और आम लोग, खासकर बच्चे व बुजुर्ग, असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट पहले ही आवारा कुत्तों की नसबंदी और अब डॉग शेल्टर स्थापित करने को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी कर चुका है।
कंफेडरेशन ऑफ रेज़िडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष केके सैनी ने बताया कि उन्होंने करीब डेढ़ साल पहले डॉग बाइट की गंभीर समस्या को लेकर पहले डिप्टी कमिश्नर और बाद में चीफ सेक्रेटरी को लिखित शिकायत दी थी। रिपोर्ट तो मांगी गई, लेकिन आज तक उसकी प्रति उपलब्ध नहीं कराई गई। अब दोबारा डिप्टी कमिश्नर को पत्र लिखकर नगर निगम को डॉग शेल्टर निर्माण के निर्देश देने की मांग की गई है।
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मेयर ने मांगी 5 एकड़ जमीन
मोहाली नगर निगम की मेयर जीती सिद्धू ने शहर में बढ़ते डॉग बाइट मामलों को देखते हुए गमाडा से कम से कम 5 एकड़ जमीन डॉग पाउंड और शेल्टर के लिए आवंटित करने की मांग की है। मुख्य प्रशासक गमाडा को भेजे पत्र में उन्होंने कहा कि स्कूलों, अस्पतालों, बस अड्डों और अन्य संवेदनशील स्थानों पर लोगों की सुरक्षा के लिए यह अत्यंत आवश्यक हो गया है। मेयर ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का हवाला देते हुए जमीन आवंटन को तत्काल मंजूरी देने की अपील की है।
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