फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Mohali News: डेराबस्सी में नकली आयुर्वेदिक दवा फैक्टरी सील, चार संदिग्धों के खिलाफ मामला दर्ज

विज्ञापन
विज्ञापन
डेराबस्सी। पुलिस ने नकली आयुर्वेदिक दवाइयों के निर्माण और बिक्री से जुड़े एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में कॉपीराइट एक्ट 1957 की धाराओं के तहत कई नामजद और अन्य लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। शिकायत में कहा गया है कि लोकप्रिय आयुर्वेदिक ब्रांडों नूरानी तेल और राहत के नाम से नकली उत्पाद बाजार में बेचे जा रहे थे। हरिद्वार जिले के भगवानपुर स्थित आयुर्वेदिक दवा निर्माता कंपनी ''राहत हर्बल रेमेडीज'' के प्रोडक्शन मैनेजर ने शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि उनकी कंपनी कानूनी रूप से पंजीकृत आयुर्वेदिक दवाइयां बनाती है। ये बाजार में ट्रेडमार्क के तहत नूरानी तेल और राहत के नामों से बिकती हैं।
विज्ञापन

आरोप है कि कुछ लोग मुनाफा कमाने के लिए उनके असली उत्पादों के नाम, लोगो, पैकेजिंग और लेबल की नकल कर रहे थे। वे डेराबस्सी के बरवाला रोड स्थित हंसा पार्क में नकली दवाइयां बना रहे थे। यह ट्रेडमार्क और कॉपीराइट का उल्लंघन है, साथ ही आम लोगों की सेहत के लिए भी खतरनाक है। खोजबीन के दौरान खुलासा हुआ कि उक्त फैक्टरी का ड्रग लाइसेंस 1 जून 2026 से निलंबित था। इसके बावजूद आरोपी गैरकानूनी रूप से फैक्टरी चलाकर उत्पादन कर रहे थे। जानकारी मिलते ही ड्रग इंस्पेक्टर ज्योति बबर ने पुलिस पार्टी और कंपनी के अधिकारियों के साथ फैक्टरी पर छापा मारा। छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में नकली सामग्रियां जब्त की गईं और फैक्टरी को मौके पर ही सील कर दिया गया।
जांच जारी और खुलासे की उम्मीद
पुलिस ने जिन संदिग्धों के नाम बताए हैं उनमें लाफिया, अरशद, सोनिका और पीयूष शामिल हैं। ये सभी जीरकपुर व उसके आसपास के इलाके के निवासी बताए जा रहे हैं। पुलिस को संदेह है कि इस गोरखधंधे में कई और लोग भी शामिल हो सकते हैं। नकली उत्पादों की सप्लाई का नेटवर्क कई बड़े शहरों तक फैला हुआ है। फिलहाल मामले की बारीकी से जांच इंस्पेक्टर सुमित मोर और एएसआई मलकियत सिंह कर रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह मामला बौद्धिक संपदा अधिकारों और जन स्वास्थ्य से जुड़ा है। जांच के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही इस मामले में और भी अहम खुलासे होंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें