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सड़कों पर बहते खून को फेसबुक पर लाइव होकर रोकेंगे एसपी ट्रैफिक

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मोहाली। राज्य के जिन जिलों में सड़क हादसों में सबसे ज्यादा लोगों की जान जाती है, उनमें जिला मोहाली टॉप थ्री में शामिल है। वीआईपी सिटी की सड़कों पर बहते इस बेवजह खून को रोकने के लिए अब सोशल मीडिया जरिया बनने जा रहा है। यह पहली बार है कि जब कोई आला ट्रैफिक पुलिस अधिकारी फेसबुक पर लाइव होकर लोगों से रू-ब-रू होगा और उन्हें सड़क हादसों से बचने के लिए जागरूक करेगा। इसके साथ ही लोग भी उनके सामने अपनी शिकायतें रख सकेंगे और सुझाव भी दे सकेंगे। यह कवायद मोहाली की सड़कों को खून से लाल होने से बचाने के लिए तो है ही, साथ ही शहर के यातायात को सुधारना भी इसका मकसद है। अपनी तरह के इस पहले प्रयास को फेसबुक पर नाम दिया गया है ‘मंडे लाइव विद एसपी ट्रैफिक’।
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मोहाली पढ़े-लिखे और स्टाइलिश लोगों का शहर है। यहां के लोग गैजेट्स का बखूबी और भरपूर इस्तेमाल करते हैं। लिहाजा पुलिस ने भी लोगों से जुड़ने के लिए सोशल मीडिया को जरिया बनाने की पहल कर दी है। जी हां, यह पहल मोहाली के एसपी ट्रैफिक गुरजोत सिंह कलेर करने जा रहे हैं। ब्रिटिश पुलिस के साथ काम कर चुके मोहाली के यह युवा एसपी प्रयोगात्मक पहल को अहमियत दे रहे हैं। उनका कहना है कि लोगों के साथ जुड़कर और समझ कर ही उनकी समस्याओं का निदान किया जा सकता है। इसी सोच के साथ एसपी कलेर फेसबुक पर ‘मंडे लाइव विद एसपी ट्रैफिक’ कार्यक्रम की शुरूआत करने जा रहे हैं। इस कार्यक्रम के तहत एसपी ट्रैफिक जिले के लोगों से मोहाली पुलिस के फेसबुक पेज के जरिए हफ्ते में एक दिन ऑनलाइन रूबरू होंगे। इसपर ऑनलाइन प्लेटफार्म के जरिए जिले के लोग न सिर्फ उनके सामने अपनी शिकायतें रख सकेंगे, बल्कि यातायात सुधार के लिए अपने सुझाव और योगदान के बारे में बात कर सकेंगे। इसी तरह एसपी कलेर लोगों को ट्रैफिक पुलिस की ओर से किए जा रहे कामों के बारे में जानकारी देने के साथ-साथ उन्हें यातायात नियमों की जानकारी देकर जागरूक करने का काम भी करेंगे। एसपी कलेर को भरोसा है कि उनका यह प्रयास सार्थक नतीजे देगा। उन्होंने कहा कि कोई भी नागरिक इस लाइव कार्यक्रम के साथ जुड़कर बेहिचक अपनी बात रख सकता है। एसपी ने लोगों से सार्थक सहयोग की अपील भी की है।
अभी नहीं है स्पीडोमीटर की सुविधा
वीआईपी सिटी में ओवर स्पीड के कारण आए दिन सड़क हादसे होते हैं। तेज ओवर स्पीड वाहन से सड़क पर चलते किसी न किसी बेकसूर की मौत हो जाती है। वहीं, आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2016 से 2019 तक सड़क पर चलने वाले 330 लोग तेज रफ्तार वाहन की चपेट में आने से मौत का शिकार हो गए। जिसका सीधा असर इन लोगों के परिवारों पर पड़ा। इनमें से अधिकांश सामान्य और गरीब तबके के लोग थे। जिन पर अपने परिवार के भरण पोषण की जिम्मेदारी थी। अब मोहाली ट्रैफिक पुलिस अपनी इस कवायद के जरिए लोगों को जागरूक तो करेगी ही, वहीं लोगों से भी सुझाव लेगी। इसके साथ ही तेरफ्तार वाहनों पर नकेल लगाने के लिए स्पीडोमीटर लाने की तैयारी भी है। अधिकांश सड़क दुर्घटनाओं का कारण ओवर स्पीड ही होता है। अभी तक मोहाली ट्रैफिक पुलिस के पास स्पीडोमीटर की सुविधा मौजूद नहीं है।
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15 दिन पहले चलाई नॉयस फ्री सिटी मुहिम
नवंबर की शुरूआत के साथ ही मोहाली में ट्रैफिक पुलिस ने नॉयस फ्री सिटी मुहिम की शुरूआत की थी। यह मुहिम एसपी ट्रैफिक गुरजोत सिंह कलेर का ही आइडिया है। एसपी ट्रैफिक का कहना है कि इस मुहिम के बेहतर नतीजे सामने आ रहे हैं। यह मुहिम तब तक जारी रहेगी जब तक मोहाली को शत प्रतिशत नॉयस फ्री नहीं बना लिया जाता। इसके मद्देनजर पिछले 15 दिनों के दौरान मोहाली ट्रैफिक पुलिस ने 200 मोटरसाइकिल जब्त किए हैं। यह सभी मोटरसाइकिल वो हैं, जिनके साइलेंसर्स से पटाखे मारकर हुल्लड़बाज युवा लोगों को परेशान करते थे। जिससे न तो सिर्फ लड़कियों और बुजुर्गों को परेशानी का सामना करना पड़ता है, बल्कि मोटरसाइकिल के साइलेंसर्स से बजने वाले पटाखों से दुर्घटनाओं की संभावना भी बनी रहती है।
सड़क हादसों में टॉप थ्री में मोहाली
पंजाब में रोजाना औसतन 13 लोगों की मौत सड़क दुर्घटना में हो जाती है। मोहाली अपने पड़ोसी जिलों में रोपड़ और फतेहगढ़ साहिब के साथ राज्य के उन टॉप थ्री जिलों में शामिल है, जहां सबसे अधिक सड़क दुर्घटनाएं होती हैं। आंकड़ों के अनुसार सबसे ज्यादा हादसे शाम 6 बजे से रात 9 बजे के बीच होते हैं। जिनमें 18 से 45 साल की उम्र वाले लोग सबसे ज्यादा जान गंवाते हैं।
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