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सोमावती अमावस्या : सूर्य ग्रहण का नहीं होगा सूतक.. कर सकेंगे पूजा-पाठ, खुलेंगे मंदिर

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मोहाली। 14 दिसंबर को साल का अंतिम सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है। इस दिन सोमवती आमावस्या भी है, जिसका सनतान धर्म में खास महत्व है। सोमवार को लगने वाला सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, हालांकि लोगों में फिर भी सूतक काल को लेकर अनिश्चय की स्थिति बनी हुई है। इस संबंधी केंद्रीय मंदिर पुजारी परिषद के प्रधान पंडित जगदंबा प्रसाद रतूड़ी ने बताया है कि इस ग्रहण का सूतक यहां मान्य नहीं होगा। लोग पूजा पाठ कर सकेंगे और मंदिर खुलेंगे।
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साल का आखिरी सूर्य ग्रहण भारतीय समयानुसार 14 दिसंबर को शाम 7 बजकर 3 मिनट पर शुरू होगा, जो करीब 5 घंटे बाद रात 12 बजकर 23 मिनट पर खत्म होगा। ये ग्रहण साउथ अफ्रीका, साउथ अमेरिका और प्रशांत महासागर के कुछ हिस्सों में पूर्ण रूप से नजर आएगा। जगदंबा प्रसाद रतूड़ी ने बताया कि हिंदू धर्म की मान्यता के अनुसार, सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण हमारी राशियों पर प्रभाव डालते हैं। इसकी वजह से हमारे जीवन में बदलाव होते हैं। ग्रहण के दौरान सूतक काल लग जाता है, लेकिन 14 दिसंबर को संध्याकाल में लगने वाला ये सूर्य ग्रहण भारत में नजर नहीं आएगा। ऐसे में ग्रहण के दौरान किसी भी तरह के कार्यों पर पाबंदी नहीं होगी। भारत में नजर ना आने की वजह से इस बार सूतक के नियम नहीं माने जाएंगे। साथ ही ग्रहणकाल के दौरान मांगलिक कार्यों पर भी रोक नहीं होगी। सूतक काल मान्य ना होने की वजह से मंदिरों के कपाट बंद नहीं किए जाएंगे और ना ही पूजा-पाठ वर्जित होगी।
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