मोबाइल और ई-मेल से समन मिलने के बावजूद रहे गैरहाजिर, अगली सुनवाई 2 नवंबर को
संवाद न्यूज एजेंसी
मोहाली। तस्करी के पैसे से आतंकवादी गतिविधियों को मदद पहुंचाने से जुड़े एनआईए मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने पेश नहीं ने वाले छह गवाहों के खिलाफ जमानती वारंट जारी किए हैं। इनमें हेड कांस्टेबल जसवीर संधू, हेड कांस्टेबल नवरोप सिंह, मुकेश कुमार, राजिंदर सिंह, लखबीर चंद और सईद फैयाज अहमद शामिल हैं। सभी को दो-दो हजार रुपये के जमानती वारंट के साथ अगली सुनवाई पर तलब किया गया है। अदालत में अभियोजन पक्ष के गवाह मोहम्मद अयूब डार के बयान भी दर्ज किए गए। मामले की अगली सुनवाई 2 नवंबर 2026 को होगी। सुनवाई के दौरान मोहम्मद अयूब डार अदालत में पेश हुआ। उसके बयान पीडब्ल्यू-40 के रूप में दर्ज किए गए। अदालत में केस प्रॉपर्टी को खोलने के बाद उस पर अदालत की कागजी सील लगाकर दोबारा सील किया गया। एनआईए की ओर से सीआरपीसी की धारा 294 के तहत दाखिल आवेदन पर आठ आरोपियों ने दस्तावेजों की स्वीकारोक्ति या अस्वीकारोक्ति को लेकर जवाब दाखिल नहीं किया। अदालत ने बचाव पक्ष को अगली सुनवाई तक जवाब देने का निर्देश दिया। एनआईए ने अदालत को बताया कि आरोपी गुरजंत सिंह उर्फ सन्नी के बचाव पक्ष को पेन ड्राइव में मौजूद इलेक्ट्रॉनिक डाटा उपलब्ध करा दिया गया है। हालांकि, संरक्षित गवाह के बयान की संक्षिप्त प्रति उपलब्ध कराने के लिए समय मांगा गया। अदालत ने अगली सुनवाई तक प्रति देने के निर्देश दिए। आरोपी मनप्रीत सिंह की ओर से अधिवक्ता डॉ. शेली शर्मा ने व्यक्तिगत पेशी से छूट की अर्जी दाखिल की। अदालत ने इसे मंजूर करते हुए केवल मौजूदा सुनवाई के लिए छूट प्रदान की। मामले की अगली सुनवाई 2 नवंबर को होगी।