मोहाली। जिले में दोबारा बढ़ रहे कोरोना संक्रमण के मामलों पर काबू पाने के लिए जिला प्रशासन ने अपनी ताकत झोंक दी है। इसके लिए छह जगहों को माइक्रो कंटेनमेंट जोन घोषित किया गया है। साथ ही सभी निजी अस्पतालों को मरीजों की वैकल्पिक शल्यचिकित्सा (इलेक्टिव सर्जरी) से गुरेज करने और अपनी पूरी ताकत कोविड के मरीजों के इलाज में लगाने के आदेश जारी किए हैं। सभी एल-2 और एल-3 अस्पतालों को अपने यहां के बैड और सभी आईसीयू समेत वेंटिलेटरों की सूची जिला नोडल अधिकारी को मुहैया करवाने का आदेश दिया है। यह आदेश डीसी गिरीश दियालन ने जारी किया है। इसके साथ ही उन्होंने साफ किया है कि नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
जानकारी के मुताबिक कोविड के चलते जिला प्रशासन की तरफ से जारी आदेश में कहा गया है कि कोविड से निपटने के लिए निजी अस्पताल पूरी ताकत लगाएं। अस्पतालों में रोजाना खाली बैड और मरीजों के लिए इस्तेमाल हो रहे बैडों की जानकारी जिला प्रशासन को मुहैया करवाई जाए। डीसी गिरीश दियालन ने कहा कि जिले के निजी अस्पतालों का बुनियादी ढांचा बहुत मजबूत है। जिन्होंने महामारी के दौरान मरीजों के इलाज में सार्वजनिक सुविधाओं की पूर्ति के लिए अहम भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि मानव की जिंदगी को सुरक्षित रखने और कोविड से होने वाली मौत की दर को कम करने के लिए इस तरह के कदम उठाने जरूरी हैं।
बता दें कि पिछले साल मोहाली में पंजाब ही नहीं बल्कि पड़ोसी राज्य हिमाचल और हरियाणा के कई नामी लोगों ने अपना कोरोना संबंधी इलाज करवाया था। इनमें हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार भी शामिल थे। उन्होंने शहर के एक निजी अस्पताल की सेहत सुविधाओं को सराहा था। इसके साथ ही देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर मोहाली के अस्पतालों की तरह सभी सरकारी अस्पतालों में सुविधाएं मुहैया करवाने की अपील की थी।
यह इलाके बनाए गए कंटेनमेंट जोन
कोविड-19 के बढ़ते हुए मामलों के बाद से जिले में नाइट कर्फ्यू लगा दिया गया है। अभी तक छह इलाकों को माइक्रो कंटेनमेंट जोन घोषित किया गया है। इनमें शिवालिक विहार जीरकपुर में एक, मोहाली फेज-10 में दो और लालड़ू के गांव धर्मगढ़, नेशनल डेंटल कॉलेज डेराबस्सी और विकास नगर, नयागांव में एक-एक कंटेनमेंट जोन घोषित किया गया है।