मोहाली। यूं तो इंडस्ट्रीज को बढ़ावा देने के लिए पंजाब सरकार हर संभव कोशिश कर रही है। इसके लिए सिर्फ आप सरकार में ही अब तक तीन समिट हो चुके हैं। इनको आयोजित करने के लिए सरकार की ओर से करोड़ों रुपये खर्च किए गए, लेकिन जिले के इंडस्ट्रियल एरिया की टूटी सड़कों में कोई सुधार देखने को नहीं मिला है। इससे शहर के उद्योगपतियों में निराशा है और उनका कहना है कि जनाम हम सरकार को करोड़ों का टैक्स जमा करवाते हैं, इसके बावजूद इंडस्ट्रियल एरिया की सड़कें टूटकर खराब हो चुकी हैं और इस ओर कोइ ध्यान नहीं दिया जा रहा है। शहर में इंडस्ट्रियल एरिया को बसे हुए वर्षों बीत चुके हैं। तब से लेकर अब तक यहां कई नामी कंपनियां भी शहर में आ चुकी हैं। लेकिन बदतर सड़कें अब भी वहीं की वहीं है। कई जगहों पर तो सड़कें ही गायब हो गई हैं और बजरी व मिट्टी रह गई है। बहरहाल जो समिट भगवंत मान सरकार ने करवाए हैं, उसका फायदा किसी को होता नजर नहीं आ रहा। शहर के उद्योगपतियों का कहना है कि जितना पैसा सरकार ने समिट में खर्च किया है उतना अगर शहर की इंडस्ट्री के विकास पर खर्च किया होता तो बहुत-सी समस्याएं हल हो सकती थी। सरकार नए उद्योग स्थापित करने की बात कर रही है लेकिन जो उद्योग पहले से स्थापित है उन्हें मूलभूत सुविधाएं तक नहीं दी जा रही है।
नहीं मिल रही बुनियादी सुविधाएं
मोहाली इंडस्ट्री का हब है लेकिन शहर के इंडस्ट्रियल एरिया की हालत बद से बदतर होती जा रही है। करोड़ों रुपये टैक्स भरने के बावजूद उद्योगपति कई सालों से विकास की आस लगाए बैठे हैं। शहर का सबसे बड़ा इंडस्ट्रियल एरिया फेस-7 है, जहां पर छोटी-बड़ी कंपनियों के प्लॉट है। कई नामी कंपनियां भी है यहां है जिसने लाखों युवाओं को रोजगार दिया हुआ है, लेकिन प्रशासन की ओर से उन्हें बुनियादी सुविधाएं तक नहीं मिल रही है। इंडस्ट्रियल एरिया की सड़कें टूटी है, पार्कों का बुरा हाल है, निकासी न होने के कारण बारिश का पानी सड़कों पर कई दिनों तक भरा रहता है, सड़कें कीचड़ का रूप ले लेती है, स्ट्रीट लाइट्स तक नहीं जलती। इससे यहां से गुजरने वालें और काम करने के लिए आने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा इंडस्ट्रियल एरिया फेज 1 से 6, 8ए औ बी, 9 में भी सड़कों की हालत बहुत खराब है। इन समस्याओं को लेकर कई बार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन की प्रशासन और इंडस्ट्री विभाग के साथ बैठक भी हो चुकी है, लेकिन फिर भी कोई हल नहीं निकला है।
क्या कहतें है उद्योगपति...
नहीं किए विकास कार्य
इंडस्ट्रियल एरिया फेज-7 में घूमकर देखा जाए तो यहां पर विकास के नाम पर कोई कार्य नहीं किया गया है। काफी समय से सड़कों की हालत खस्ताहाल है और इस कारण उद्योगपतियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यहां से गुजरने वाले वाहनों को नुकसान होता है। -नरेश धीमान, उद्योगपति
प्रशासन नहीं दे रहा ध्यान
जिला प्रशासन इंडस्ट्रियल एरिया की सड़कों की ओर बिलकुल भी ध्यान नहीं दे रहा है। इस कारण इंडस्ट्रियल एरिया की सुंदरता पर ग्रहण लग रहा है। जगह-जगह सड़कें टूटी हुई हैं और आम जनता के अलावा उद्योगपति और काम करने वाले लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। -मुकेश बंसल, उद्योगपति
ध्यान नहीं दिया तो बढ़ेगी समस्या
सरकार को करोड़ों रुपये का प्रॉपर्टी टैक्स भरने के बावजूद शहर के इंडस्ट्रियल एरिया की सड़कों की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जो कि सबसे बड़ी समस्या है और जल्द ही इस समस्या का हल न हुआ तो आने वाले समय में सड़कों की हालत और भी बदतर हो जाएगी। -जगदीप सिंह उद्योगपति