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Mohali News: 93.75 लाख रुपये ठगी के मामले में शरद कुमार गेहलोत की अग्रिम जमानत याचिका खारिज

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मोहाली। 93.75 लाख रुपये की ठगी के मामले में अतिरिक्त आरोपी शरद कुमार गेहलोत की अग्रिम जमानत याचिका अदालत ने खारिज कर दी है। यह मामला लोन दिलाने के नाम पर हुई धोखाधड़ी से जुड़ा है। गेहलोत पर 33 लाख रुपये अपने खाते में लेने का आरोप है। अदालत ने आरोपों को गंभीर बताया है। अदालत ने कहा कि आरोपी से संबंधित रकम की बरामदगी अभी बाकी है।
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फर्जी दस्तावेज तैयार किए जाने के स्रोत की भी जांच होनी है। शिकायतकर्ता अमन गोयल ने थाना सदर खरड़ में विजय कुमार और पुष्पिंदर कुमार सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। गोयल को लोन की जरूरत थी और आरोपियों ने उनसे 50 लाख रुपये नकद और 43.75 लाख रुपये बैंक खाते में ट्रांसफर करवाए। रकम लेने के बावजूद लोन मंजूर नहीं हुआ और गोयल को बैंक के फर्जी पत्र दिए गए। जांच में पता चला कि ये पत्र किसी बैंक द्वारा जारी नहीं किए गए थे। अभियोजन पक्ष के अनुसार, कुल 93.75 लाख रुपये की ठगी की गई और फर्जी दस्तावेज का इस्तेमाल हुआ।


शरद का नाम कैसे आया सामने

मामले में पुष्पिंदर कुमार को 17 अप्रैल 2026 को गिरफ्तार किया गया था। जांच के दौरान पुष्पिंदर के खुलासे के आधार पर शरद कुमार को अतिरिक्त आरोपी बनाया गया। अभियोजन पक्ष ने बताया कि शिकायतकर्ता से मिली रकम में से 33 लाख रुपये शरद कुमार के खाते में ट्रांसफर किए गए थे। पुलिस द्वारा पेश किए गए बैंक खाते के रिकॉर्ड में भी यह बात सामने आई है।
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अदालत का फैसला

अदालत ने कहा कि आरोपी से संबंधित रकम की बरामदगी अभी बाकी है। फर्जी बैंक दस्तावेज कहां तैयार हुए, इसकी भी जांच होनी है। सह-आरोपी इंदरपाल और विजय कुमार की अग्रिम जमानत पहले ही खारिज हो चुकी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने शरद कुमार की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी।
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