पादरी बजिंदर के खिलाफ धोखाधड़ी, जबरदस्ती और धमकी के गंभीर आरोपों से जुड़ा एक ओर केस दर्ज किया गया है। यह केस पिछले 13-14 साल से पादरी बजिंदर सिंह की सेवा में सेवारत रंजीत कौर (40) ने मोहाली के खरड़ के माजरी थाने में उनके खिलाफ दर्ज किया है। इससे पहले भी पादरी दुष्कर्म के आरोपों का सामना कर रहे हैं और यह मामला अदालत में विचाराधीन है।
रंजीत कौर ने पुलिस को शिकायत में कहा कि मैं बजिंदर सिंह को भगवान का आदमी मानती थी और उनके चर्च में सेवा करती थी, लेकिन कुछ समय बाद मुझे अहसास हुआ कि वह लोगों को धोखा दे रहे हैं। उसने दावा किया कि जब उसने पादरी की टीम से अपना पद छोड़ने का फैसला किया, तो पादरी बजिंदर सिंह और उसके समर्थकों ने उसके खिलाफ साजिश रचनी शुरू कर दी। उन्होंने आरोप लगाया कि वह मुझे रोजाना परेशान व और लोगों के सामने मेरा अपमान करता था। 13-14 फरवरी की रात को उसने चर्च में मेरे साथ दुर्व्यवहार किया, मुझे थप्पड़ मारा और गला घोंटने की भी कोशिश की। यह भी आरोप लगाया कि उसने उससे खाली कागजों पर हस्ताक्षर करवाए, जो अभी भी उसके पास हैं। उसने दावा किया की मैंने इस्तीफा दे दिया, लेकिन उसने मेरा आधार कार्ड, पैन कार्ड या हस्ताक्षरित खाली कागज वापस नहीं किए।
पुलिस ने पादरी बजिंदर सिंह के खिलाफ बीएनएस की धारा 74, 126 (2), 115 (2) और 351 (2) के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार जांच के दौरान नए सबूत सामने आने पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रासंगिक बीएनएस धारा 74 किसी महिला की गरिमा को नुकसान पहुंचाने के इरादे से हमला करना, धारा 126(2) किसी व्यक्ति की स्वतंत्रता पर गलत तरीके से रोक लगाना या प्रतिबंध लगाना, धारा 115(2) और 351(2), नुकसान पहुंचाने या जबरदस्ती करने का प्रयास करना है। वहीं, डीएसपी मोहित अग्रवाल ने पुष्टि की है कि इनमें से कुछ धारा गैर-जमानती हैं और आगे की जांच जारी है।