मोहाली। पीसीए स्टेडियम में वीरवार को गुजरात टाइटंस और किंग्स इलेवन पंजाब के बीच मैच के दौरान तीन लोगों ने बंदी सिखों की रिहाई के बैनर लहराए। इनमें एक पुरुष और दो महिलाएं शामिल थीं। इन्होंने सफेद कपड़े पर बंदी सिखों की रिहाई के नारे लिखे हुए थे। काफी देर तक यह लोग बैनर लहराते रहे। इसकी जानकारी मिलने पर कुछ देर बाद पुलिस वहां पहुंची और आरोपियों में प्रीतम कौर जटाना समेत तीनों को पकड़कर ले गई। तीनों आरोपियों को फेज-8 पुलिस चौकी ले जाया गया। यहां कौमी इंसाफ मोर्चे की ओर से आए लोग उन्हें रिहा करके वापस मोर्चे की ओर ले गए। बता दें कि इससे पहले एक अप्रैल को हुए पहले आईपीएल मुकाबले के दौरान भी इस तरह के नारे वाले पोस्टर लहराए गए थे। यहां तक कि कौमी इंसाफ मोर्चे के एक बड़े जत्थे ने विरोध करने के लिए स्टेडियम आने के लिए कूच किया था। लेकिन पुलिस ने उन्हें फेज-7 के लाइट प्वाइंट पर ही रोक दिया था। अब दूसरे मुकाबले के दौरान फिर से इस तरह के पोस्टर लहराए गए। यह पुलिस की सुरक्षा में बड़ी चूक बताई जा रही है क्योंकि पुलिस तो अपनी ओर से हर तरह से जांच कर रही थी, फिर भी यह लोग इन झंडों के साथ कैसे दाखिल हो गए, यह बड़ा सवाल उठता है।