पुलिस से मामले की शिकायत की तो थाने से बाहर आते ही फिर मुकरे
संवाद न्यूज एजेंसी
जीरकपुर। रहमत होम सोसाइटी के सिक्योरिटी गार्ड्स ने तनख्वाह न मिलने पर शुक्रवार को मैनेजमेंट के खिलाफ प्रदर्शन किया। सोसाइटी के सिक्योरिटी गार्ड्स ने बताया कि तनख्वाह न मिलने पर उन्होंने मैनेजमेंट की शिकायत पुलिस से की थी। इस पर प्रधान ने तनख्वाह देने के लिए हामी भी भरी लेकिन पुलिस स्टेशन से बाहर आकर फिर से आनाकानी करने लगे। शिकायत पर फैसला होने के बाद शुक्रवार को सभी गार्ड्स ने सोसाइटी के गेट पर प्रदर्शन किया। नवीन शर्मा, दीपक शर्मा, श्याम कुमार, अजय कुमार व दीपक कुमार ने बताया कि वह रहमत होम सोसाइटी में काम करते हैं और डेढ़ महीने से सैलरी पेंडिंग है। मोनिका सैनी इस सोसाइटी कि प्रधान हैं, उन्होंने पुलिस के सामने माना था कि वह उनकी तनख्वाह दे देंगी। लेकिन यहां आकर बोल रही हैं कि तुम से जो होता है कर लो पैसे नहीं मिलेंगे। उन्होंने बताया कि 1 अगस्त से लेकर 20 सितंबर तक वह काम पर थे लेकिन मोनिका सैनी ने 20 सितंबर को अचानक धमका कर उन्हें नौकरी से निकाल दिया था और पैसे जो कि 1 लाख 32 हजार रुपये बनते हैं वह नही दिए जा रहे हैं। उलटा धमकाया जा रहा है कि तुम से जो होता है वह कर लो। उन्होंने बताया कि हम लोगों का घर सैलरी के सहारे ही चलता है और एक महीने से परेशान किया जा रहा है। दुकानदार राशन के पैसे मांग रहे हैं। इससे परेशान होकर उन्होंने सोसाइटी की प्रधान व मैनेजमेंट के खिलाफ प्रदर्शन किया है। प्रदर्शन कर रहे सिक्योरिटी गार्ड्स ने पुलिस से मदद की गुहार लगाते हुए कहा कि वह जरूरतमंद हैं। जल्द उनके पैसे दिलवाए जाएं, ताकि वह राशन खरीद सकें। बता दें कि रहमत होम सोसाइटी अक्सर विवादों में रहती है। जिस तरफ प्रशासन और पुलिस को ध्यान देना जरूरी है। प्रदर्शन कर रहे गार्ड्स ने कहा की यदि जल्द पैसे ना मिले तो वह बाकी एसासिएशन के साथ लेकर बड़े स्तर पर प्रदर्शन करेंगे, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
कोट्स
मुझे जान बूझकर बदनाम किया जा रहा है, ताकि मैं डर कर प्रधानगी छोड़ दूं। इसके पीछे सोसायटी के ही कुछ लोगों का हाथ जिन्होंने आज इन सिक्योरिटी गार्ड्स को मेरे घर भेजा था। जिन्होंने आज मेरे घर पर हंगामा किया और मेरे एक्टिवा को नुकसान पहुंचाया है। जबकि में दुपिहर दो बजे पुलिस को कॉल कर रही हूं लेकिन पुलिस मेरी कोई सुनवाई नही कर रही है। जबकि इससे पहले मेरी 9 शिकायतें पेंडिंग पड़ी है। जिन पर कोई कार्रवाई नही हुई है। सिक्योरिटी गार्ड्स के इतने पैसे नही बल्कि केवल 48 हजार रूपये हैं जिसमें से 25 हजार रूपये दें दिए थे और बाकी पैसे देने थे उससे पहले ही मेरे से दफ्तर की चाबीयां जबरदस्ती ले ली गई थी। मेरे पास दफ्तर का रिकर्ड व चार्ज नही आता तब तक सैलरी कैसे दें सकती हूं। मुझे कोई शोक नही किसी की सैलरी रोकने का, यह सब मुझे परेशान करने के लिए किया जा रहा है।
मोनिका सैनी, प्रधान रहमत होम सोसायटी।