पार्षद कुलजीत सिंह बेदी के अल्टीमेटम के बाद आखिरी वर्षों बाद नगर निगम की आंख खुल गई। निगम ने विभिन्न फेजों व सेक्टरों में हादसे का सबब बने सिक्योरिटी गेटों को हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी है। निगम का दावा है कि जल्द ही इस काम को पूरा कर लिया जाएगा। वहीं, पार्षद कुलजीत सिंह बेदी ने कहा कि वह इसी तरह लोगों से जुड़े मुद्दों को निगम अधिकारियों के सामने उठाते रहेंगे।
जानकारी के मुताबिक, सोमवार सुबह ही निगम की टीम फेज-3बी2 पहुंच गई थी। इसके बाद निगम की टीम ने जेसीबी की मदद से सिक्योरिटी गेट को हटाने की कार्रवाई की। कार्रवाई शाम तक चली। इस दौरान जो सामान हटाया गया। उसे निगम के स्टोर में रखवा दिया गया है। वहीं, इस दौरान जब कार्रवाई चल रही तो उस समय उक्त सड़क को पूरी तरह से आवाजाही के लिए बंद रखा गया था। वहीं, निगम अधिकारियों का कहना है कि आने वाले समय में भी यह कार्रवाई चलती रहेगी।
पूरे शहर में लगाए थे 39 सिक्योरिटी गेट
जानकारी के मुताबिक, पूरे शहर में नगर निगम ने वर्ष 2009 में 39 गेट सिक्योरिटी के लिए लगाए थे। यह बीओटी मोड पर लगाए गए थे। इसके तहत प्राइवेट कंपनी ने गेट लगाने थे। साथ ही गेटों पर विज्ञापन लगाकर कंपनी को अपने पैसों की रिकवरी करनी थी। लेकिन यह प्रोजेक्ट बाद में फेल हो गया था। आए दिन लोगों के इस वजह से झगड़े होते थे। एक सिक्योरिटी गार्ड की मौत हो गई थी। इसके बाद यह प्रोजेक्ट अधर में ही रह गया था।