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Mohali News: आतंकी गतिविधियों में लिप्त होने की बात कह डाॅक्टर को डराया, ऐंठे 39.70 लाख

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चंडीगढ़। आतंकी गतिविधियों में लिप्त होने और गिरफ्तारी का डर दिखाकर शातिर ठगों ने सेक्टर-26 स्थित होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज व अस्पताल के एक डॉक्टर से 39.70 लाख रुपये ऐंठ लिए। मामले का खुलासा होने पर पीड़ित डॉक्टर नवपिंदर सिंह ने पुलिस को शिकायत दी। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
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नवपिंदर सिंह ने बताया कि वह सेक्टर 11/ए में रहते हैं। उन्होंने बताया कि 24 जून 2024 को सुबह 10:16 बजे एक अज्ञात नंबर से उन्हें कॉल आई। कॉल करने वाले ने बताया कि वह दिल्ली संचार नियामक प्राधिकरण ऑफ इंडिया से सुनील के मिश्रा बोल रहा है। उसने कहा कि आपके आधार कार्ड पर एक सिम कार्ड सक्रिय किया गया है, जो एसबीआई और एचडीएफसी बैंक के आपके दोनों खातों के साथ लिंक है। काॅल करने वाले ने कहा कि इन दोनों खातों में आतंकी गतिविधियों से संबंधित काफी पैसा आया है। इसके बाद उसने कहा कि वह काॅल पुलिस स्टेशन में ट्रांसफर कर रहा है।
कुछ समय बाद डाॅक्टर के पास एक वीडियो कॉल आई, जिसमें कुछ पुलिसकर्मी एक कमरे में बैठे नजर आए। एक पुलिसकर्मी ने खुद को अल्लामा पुलिस स्टेशन से एडीसी (ईडी प्रवर्तन निदेशालय, एसबी शिराडकर, लखनऊ) के रूप में पेश किया और कहा कि आप पर लगे आरोप गंभीर हैं। आपकी संलिप्तता आतंकी गतिविधियों में है। वीडियो कॉल पर ही उसने डाॅक्टर को अलग-अलग पत्र दिखाए, जिनमें भारतीय रिजर्व बैंक, फंड जांच मंजूरी पत्र, केंद्रीय जांच ब्यूरो आदि लिखा हुआ था। इसके बाद उनसे सभी पत्रों से जुड़े विभागों में अलग-अलग तारीख पर पैसों की मांग की गई और राशि की नोटरीकृत पर्यवेक्षण पावती भेजी गई। ठगों ने पैसे जमा करने के लिए आरबीआई के नाम पर कुछ फर्जी खाते भेजे, जिनमें डाॅक्टर ने अलग-अलग तारीखों में पैसे जमा कराए। ठगों ने भी डाॅक्टर के खाते में कुछ राशि जमा कराई और बाद में उन्हीं खातों में वापस मंगा ली। पूछने पर कहा कि यह ईडी की प्रक्रिया है।
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5 जुलाई 2024 को उनका एसबीआई खाता 50 हजार रुपये के लिए होल्ड करा दिया गया। फिर ठगों ने कहा कि वह एचडीएफसी बैंक खाते से पैसे उन्हें भेज दे। शिकायतकर्ता ने खाते में पैसे नहीं होने की बात कही तो ठगों ने धमकी दी कि पैसे नहीं दिए तो पांच से सात साल की कैद होगी। इसके बाद डाॅक्टर ने पिता से कुछ पैसे एचडीएफसी बैंक खाते में ट्रांसफर करवाकर ठगों को भेज दिए।
इसके बाद भी ठग उन्हें फोन करते रहे और गिरफ्तारी की धमकी देकर पैसे मांगते रहे। ठगों ने कहा कि पैसे देकर वह ईडी व अदालत से मुक्त हो जाएंगे और उन्हें एनओसी दी जाएगी लेकिन इसके शिकायतकर्ता ने कोई पैसे ट्रांसफर नहीं किए हालांकि पहले ही वह करीब 39.70 लाख दे चुके थे। इस मामले में साइबर पुलिस थाने में बीएनएस की धारा 308 (7), 319 (2), 318 (4), 338, 336 (3), 340 (2), 61 (2) के तहत केस दर्ज किया गया है।


शातिर ठगों ने डाॅक्टर के पिता से भी की ठगी की कोशिश
डाॅक्टर के पिता को 11 जुलाई 2024 को एक अज्ञात व्यक्ति ने फोन कर खुद को पुलिस अधिकारी बताते हुए कहा कि उनका बेटा पुलिस हिरासत में है और अगर वह उसे छुड़ाना चाहते हैं तो पैसे दे दें। गुरु नानक मिशन अस्पताल, जालंधर में नेत्र सर्जन व एचओडी के रूप में कार्यरत पिता से ठगों ने कहा कि वह फोन पर ही रहें और मोबाइल इधर-उधर न करें। पिता ने किसी अन्य मोबाइल से पुत्रवधू को फोन कर बेटे के बारे में पूछा तो उसने बताया कि वह ठीक हैं। इसके बाद डाॅक्टर पिता ने शाम को जालंधर पुलिस स्टेशन व पुलिस कमिश्नर से मामले की शिकायत की।
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