बेशक आज मंदबुद्धि बच्चों को समाज में अनदेखा किया जाता है। परंतु वे भी अपने अंदर की प्रतिभा को निखार कर परिवार का नाम रोशन कर सकते हैं। इसकी मिसाल गांव बड़ौदी का मंदबुद्धि सतनाम सिंह है।
उसने राष्ट्रीय स्तर के खेल मुकाबले में मेडल जीता और अंतरराष्ट्रीय खेलों में हिस्सा लेने का इंतजार कर रहा है।
गांव अधहेड़ी के सरकारी प्राइमरी स्कूल में चौथी कक्षा का छात्र सतनाम सिंह सर्वशिक्षा अभियान के आईईआरटी प्रोजेक्ट के तहत पढ़ रहा था। जोकि स्पेशल चिल्ड्रेन पर आधारित है।
सतनाम सिंह 74 फीसदी मंदबुद्धि है। परंतु विभाग के यत्नों से उसके अंदर मौजूद खेलों के प्रति दिलचस्पी को बढ़ावा मिला। उसके पिता बड़ौदी में पंक्चर की दुकान करते हैं।
उन्होंने कहा कि सतनाम काफी परेशान था। परंतु अब वह राष्ट्रीय स्तर पर नाम रोशन कर चुका है। खेलों में तैयारी उसकी बहन कराती है, जोकि उसे साइक्लिंग और टेबल टेनिस की प्रैक्टिस कराती है। साइक्लिंग मुकाबले में सतनाम ने राष्ट्रीय स्तर पर दूसरा स्थान हासिल किया है।
अध्यापक नेता हरनेक मावी, जैलदार सतविंदर चैड़िया ने सतनाम की प्रतिभा की प्रशंसा की। साथ ही सरकार से मांग की कि सतनाम को बढ़िया कोचिंग दी जाए, उसकी खुराक का प्रबंध किया जाए, ताकि वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नाम रोशन कर सके।