मोहाली। शहर को स्वच्छ और कचरा मुक्त बनाने के लिए नगर निगम मोहाली ने ठोस कदम उठाए हैं। पंजाब के स्थानीय निकाय विभाग की अधिसूचना के बाद निगम ने यूएलबी (शहरी स्थानीय निकाय) स्तर पर स्वच्छता समिति और प्रत्येक वार्ड में समिति के गठन की प्रक्रिया शुरू की है। यह पहल केंद्र सरकार के सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स-2026 और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद की गई है। स्थानीय निकाय विभाग के सचिव मनजीत सिंह बराड़ ने गत मई माह में वार्ड स्तरीय स्वच्छता समितियों के गठन के आदेश जारी किए थे। इसके बाद नगर निगम ने भी इस दिशा में कार्रवाई शुरू कर दी है। निगम ने स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, पंजाब मंडी बोर्ड और पंजाब वाटर सप्लाई एवं सीवरेज बोर्ड सहित विभिन्न विभागों से अपने प्रतिनिधियों के नाम मांगे हैं। नगर निगम के आयुक्त संदीप सिंह गढ़ा ने बताया कि सैनिटेशन विभाग को इस पर काम करने की हिदायत दी गई है और जल्द ही समितियों का गठन कर दिया जाएगा। संवाद
समितियों का गठन और संरचना
यूएलबी स्तर की स्वच्छता समिति मेयर की अध्यक्षता में बनेगी। इसमें नगर निगम आयुक्त सदस्य सचिव होंगे। पार्षदों, स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास विभागों, मंडी बोर्ड और वाटर सप्लाई एवं सीवरेज बोर्ड के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाएगा। आवश्यकतानुसार सामाजिक संगठनों और बाजार एसोसिएशन के विशेषज्ञों को भी जगह मिलेगी। प्रत्येक वार्ड में बनने वाली समिति की कमान संबंधित पार्षद के हाथ में होगी। इसमें स्वच्छता दूत, सैनिटेशन सुपरवाइजर, एसबीएमयू के अधिकारी और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे।
निगरानी और कार्यक्षेत्र
ये समितियां केवल बैठकों तक सीमित नहीं रहेंगी। वे शहर में घर-घर से अलग-अलग कचरे का संग्रह, गीले और सूखे कचरे का पृथक्करण, कचरे की प्रोसेसिंग और होम कंपोस्टिंग की निगरानी करेंगी। सिंगल यूज प्लास्टिक पर रोक, बल्क वेस्ट जनरेटर्स के नियमों का पालन, यूजर फीस की वसूली और नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई जैसे मामलों पर भी ध्यान दिया जाएगा। सफाई व्यवस्था से जुड़े संसाधनों, कर्मचारियों और जनजागरूकता अभियानों की भी मासिक समीक्षा की जाएगी।
वैज्ञानिक निस्तारण और रैंकिंग सुधार
नई व्यवस्था के तहत वार्ड समितियां कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण पर भी काम करेंगी। लोगों को घरों में जैविक कचरे से खाद बनाने यानी होम कंपोस्टिंग के लिए प्रेरित किया जाएगा। पार्कों और बागवानी से निकलने वाले हरे कचरे का स्थानीय स्तर पर निस्तारण कराने पर जोर रहेगा। इसका उद्देश्य लैंडफिल साइट पर जाने वाले कचरे की मात्रा को कम करना है। सूत्रों के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों से मोहाली की स्वच्छता रैंकिंग में खास सुधार नहीं हुआ है। शहर में कई जगह कचरे का सही तरीके से संग्रह और निस्तारण नहीं हो रहा है। लोगों की शिकायतें भी लगातार सामने आती रही हैं। निगम को उम्मीद है कि नई समितियों के गठन से सफाई व्यवस्था में सुधार होगा और आने वाले स्वच्छता सर्वेक्षण में शहर की रैंकिंग बेहतर हो सकेगी।
इस संबंध में सेनिटेशन विभाग को काम करने की हिदायत दी गई है। जल्द ही कमेटियों का गठन भी कर दिया जाएगा। - संदीप सिंह गढ़ा, कमिश्नर, नगर निगम