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जमीन एक्वायर न होने से अटका रिंग रोड का निर्माण

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जीरकपुर में लगे जाम में फंसे वाहन। - फोटो : MOHALI
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जीरकपुर। मोहाली में इंटरनेशनल एयरपोर्ट से पंचकूला के सेक्टर 20-21 तक बनने वाली रिंग रोड पीआर 7 का निर्माण अधर में लटक गया है। रिंग रोड के निर्माण को लेकर गमाडा ने अब तक लैंड एक्वायर का काम भी पूरा नहीं किया।
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मोहाली को पंचकूला से जोड़ने वाली जीरकपुर से निकलती 11 किलोमीटर लंबी एयरपोर्ट रोड पीआर 7 का काम मौजूदा सरकार भी अभी तक पूरा नहीं करा पाई है। इस रोड के बनने का इंतजार ट्राइसिटी के लोगों को है। इन शहरों के अलावा हिमाचल प्रदेश को जोड़ने वाली इस रिंग रोड का पिछले 4 साल में महज 8 किलोमीटर हिस्सा बन पाया है। जीरकपुर से आगे पंचकूला की ओर यह तीन किलोमीटर सड़क पूरी नहीं हो सकी है।
इसके निर्माण पूरा होते ही जहां जीरकपुर में होने वाले ट्रैफिक जाम से लोगों को निजात मिलेगी, वहीं पंचकूला के रास्ते शिमला जाने वाले पर्यटकों का सफर आसान हो जाएगा। वह फ्लाईओवर के नीचे आने के बजाय सीधा मैक-डी से पंचकूला सेक्टर-20 और 21 की डिवाइडिंग रोड के रास्ते कालका-शिमला मार्ग पर निकल जाएंगे।
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तीन किलोमीटर सड़क नहीं बन पाई
जीरकपुर में चंडीगढ़-अंबाला रोड पर माया गार्डन मैग्नीशिया चौक से लेकर नगला तक करीब 1500 मीटर सड़क का काम पूरा कर दिया गया है। उसके बाद 3 किलोमीटर सड़क नहीं बनी। इसका निर्माण कार्य 2015 में शुरू हुआ और इसे पंचकूला के सेक्टर 20-21 तक बनाया जाना है। अभी इस सड़क का काम जमीन एक्वायर न होने के चलते रुका पड़ा है। इस तीन किलोमीटर सड़क को बनाने के लिए गांव नगला से पीरमुछल्ला तक की जमीन एक्वायर की जानी है। ऐसे में इस काम में अभी दो साल और लग सकते हैं। गमाडा के एक्सईएन का कहना है कि एलएसी ब्रांच जमीन एक्वायर करके देगी तो कंस्ट्रक्शन का काम शुरू होगा।
भारी वाहन बाहर से निकल जाएंगे
मिनिस्ट्री ऑफ रोड ट्रांसपोर्ट एंड हाईवेज की प्लानिंग है कि हरेक बड़े शहर के लिए बाईपास रोड बने। इससे भारी वाहन शहर के बाहर से निकल जाएंगे। बाकी भी ट्रैफिक शहर के बाहर से निकलेगा। इससे शहर के अंदर ट्रैफिक काफी कम हो जाएगा। मोहाली से पंचकूला के बीच बन रही सड़क भी जीरकपुर शहर के लिए बाईपास सड़क है। इसके बनने के बाद शहर का ट्रैफिक आधा रह जाएगा। हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, पंजाब का ट्रैफिक बाहर से ही निकल जाएगा।
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