डेढ़ महीने बाद जिंदगी की जंग हार गए सेवानिवृत्त सहायक थानेदार बुजुर्ग बहादुर सिंह
मारपीट के आरोपियों पर हत्या का केस दर्ज कर पुलिस ने शुरू की तलाश
संवाद न्यूज एजेंसी
जीरकपुर। चार जनवरी को मारपीट में घायल हुए सेवानिवृत्त सहायक थानेदार 72 वर्षीय बुजुर्ग बहादुर सिंह आखिरकार अस्पताल में जिंदगी की जंग हार गए। बहादुर सिंह के साथ उनके गांव के लोगों की ओर से कुछ अज्ञात साथियों के साथ मिलकर जानलेवा हमला किया गया था। हमले के दौरान उनकी दोनों टांगे टूट गई थी और अभी तक इलाज के लिए वेंटीलेटर पर चल रहे थे। अब एक महीना 18 दिन के बाद उन्होंने एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान बुधवार को दम तोड़ दिया। इसके बाद पुलिस ने परिजनों की शिकायत जानलेवा हमला करने के आरोपियों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज करके उनकी तलाश शुरू कर दी है।
मृतक बहादुर सिंह के बेटे ने बताया कि 4 जनवरी को सुबह उनके पिता बहादुर सिंह सैर के लिए घर से निकले थे। उनके ही गांव के युवक कुलविंदर सिंह ऊर्फ काकू ने अपने अज्ञात साथियों के साथ मिलकर उनके ऊपर जानलेवा हमला कर दिया था। इसके बाद उन्हें जीसीएमसीएच-32 चंडीगढ़ में भर्ती करवाया गया था और ज्यादा हालत खराब होने के कारण पंचकूला के एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया था। यहां पर इलाज के दौरान बुधवार को उनकी मौत हो गई। उन्होंने बताया कि हरविंदर सिंह बिंदर, जो कि पूर्व सरपंच के पति हैं, ने पुरानी रंजिश के चलते यह हमला करवाया था।