खरड़। आज के युग में हर किसी गांव में पानी और बिजली समेत सभी मूलभूत सुविधाएं मिल रही हैं, परंतु खरड़ में एक दर्पण सिटी सोसाइटी है, जहां आज भी लोग बिजली और पानी समेत अन्य मूलभूत सुविधाओं को तरस रहे हैं। दर्पण सिटी कालोनी को बने हुए लगभग 12-13 साल हो चुके हैं परंतु सरकारी पानी अभी तक यहां नही पहुंचा है। खरड़ नगर परिषद को इस बारे में कई बार लिखने के बावजूद भी यहां के निवासियों को सरकारी पानी नसीब नही हो सका है। इस काॅलोनी में पानी की व्यवस्था बिल्डरों के माध्यम से होती है और बिल्डर अपनी मनमर्जी से मोटरें चलाते है। वहीं कालोनी में बिजली का लोड अधिक होने के कारण ट्रांसफार्मर के फ्यूज या तार जल जाना आम बात है। काॅलोनी में जब भी बिजली संबंधी समस्या आती है तो लोग बिजली विभाग से संपर्क करते हैं तो बिजली विभाग का यही कहना होता है कि अभी तक यह कालोनी बिजली विभाग को हैंडओवर नहीं हुई है। वहीं दूसरी ओर बिल्डर भी यह कह कर अपना पल्ला झाड़ लेते हैंं। कॉलोनीवासी अपने पैसे खर्च करके बिजली के तार बदलवा लें। गौरतलब है कि पिछले तीन महीनों में यहां के निवासी दो बार अपने पैसे खर्च करके बिजली की तारें बदलवा चुके हैं। वहीं ताजा मामले में कालोनी के गेट नंबर तीन और चार की बिजली सप्लाई पिछले 12 घंटो से नही है परंतु अभी तक बिजली विभाग और बिल्डर द्वारा इस समस्या को लेकर कोई कार्रवाई नहीं की गई है। लोगों के घरों में न बिजली है और न ही पानी है। दर्पण सिटी से रणजीत नगर की ओर आने वाले सीवरेज बंद पड़ा है और दपर्ण सिटी के अंदर भी बदबू के कारण हालात ठीक नही हैं। लेवल ठीक न होने के कारण शहर का गंदा पानी उल्टा दर्पण सिटी की ओर आकर सड़क पर ओवरफ्लो होता रहता है जिस कारण मेन रोड़ भी टूट गया है। यह रोड़ कई अन्य काॅलोनियों एडन सिटी, मार्डन सिटी, ढींढसा कालोनी, एकम हाईट, पाम विलास, पैराडाइज होम आदि को जाता है परंतु रोड़ टूटा होने के कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। काॅलोनी में गंदे पानी की बदबू के कारण बीमारी फैलने का भी खतरा बना हुआ है।
क्या कहना है बिजली विभाग का - बिजली विभाग के जेई ने कहा कि यह कालोनी विभाग को हैंडओवर न होने के कारण विभाग यहां कोई मद्द नही कर सकता है, बिल्डर द्वारा तार का प्रबंध करने पर वह बिजली की सप्लाई चालू करवा देगें।
क्या कहना है बिल्डर का - जब इस मुद्दे को लेकर गुरिंदरपाल सिंह (रिंदी) से बात की गई तो उन्होंने कहा कि सरकार की पाॅलिसी के अनुसार दस्तावेज तैयार करके कई बार बिजली बोर्ड से संपर्क किया गया है परंतु हर बार कोई न कोई नया मुद्दा बना कर बिजली विभाग के अधिकारी कालोनी को अपने अधीन लेने में आनाकानी करते हैं।