मोहाली। स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल (एसएसओसी) ने वीरवार को प्रतिबंधित संगठन सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) के मुख्य संचालक और अमेरिका स्थित एसएफजे प्रमुख गुरपतवंत सिंह पन्नू के करीबी सहयोगी रेशम सिंह को मोहाली अदालत में पेश किया। अदालत ने आरोपी को चार दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। रेशम सिंह पर आरोप है कि उसने डॉ. बीआर अंबेडकर की प्रतिमा को नुकसान पहुंचाया और खालिस्तान के समर्थन में नारे लिखे थे। पूरे राज्य में पोस्टर लगाने के आरोप में उसे एसएसओसी ने मोगा से गिरफ्तार किया था। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि बरनाला के हमीदी गांव निवासी आरोपी ने जून 2025 के पहले सप्ताह में फिल्लौर के नंगल में डॉ. बीआर अंबेडकर की मूर्ति को खंडित किया था, जो अमेरिका स्थित सुरिंदर सिंह ठिकरीवाल, जो कई यूएपीए मामलों में वांछित अपराधी है और एसएफजे प्रमुख गुरपतवंत सिंह पन्नू के निर्देशों पर काम कर रहा था। आरोपी रेशम सिंह पर पटियाला, फरीदकोट, जालंधर और अन्य जिलों में खालिस्तान समर्थक और एसएफजे समर्थक पोस्टर लगाकर और नारे लिखकर सार्वजनिक संपत्ति को बार-बार नुकसान पहुंचाने का भी आरोप है। इस घटना को अंजाम देने के बाद भाग गया था। मई 2025 में भारत-पाक तनाव के दौरान रेशम सिंह ने लोगों और राष्ट्र विरोधी भावनाओं को भड़काने के लिए भड़काऊ नारे लिखे थे। उन्होंने कहा कि साक्ष्यों से यह भी पता चलता है कि आरोपी को इन अवैध गतिविधियों को अंजाम देने के लिए विदेशों से रुपया मिल रहा था।