डेराबस्सी। तहसील में फर्जी एनओसी के आधार पर अवैध कॉलोनियों में प्लॉटों की रजिस्ट्रियां होने का मामला आए दिन तूल पकड़ता जा रहा है। अमर उजाला की ओर से उठाए गए इस मामले को हलका विधायक कुलजीत सिंह रंधावा ने गंभीरता से लिया है।इस संबंधी उन्होंने तहसील में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक की और उन्हें तीन दिन के भीतर इस संबंधी रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है। इस बैठक में तहसीलदार कुलदीप सिंह, नायब तहसीलदार हरिंदर सिंह पुनिया, नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी वरिंदर जैन और अन्य अधिकारी मौजूद थे। विधायक रंधावा ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में आने के बाद उन्होंने तहसील का दौरा किया है और अधिकारियों को प्रदेश में आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के बाद हुई सभी रजिस्ट्रियों की जांच करने के निर्देश दिए हैं। अकेले डेराबस्सी में अब तक करीब 250 फर्जी एनओसी से रजिस्ट्रियां सामने आई हैं, जबकि जांच अभी भी जारी है। यह संख्या हजारों तक पहुंच सकती है।
वहीं, फर्जी एनओसी डेराबस्सी, जीरकपुर और लालड़ू की अवैध कॉलोनियों की रजिस्ट्रियों से सरकार को हजारों करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। फर्जी एनओसी के मामले में कुछ अर्जी नवीस, स्टांप फरोश, प्रॉपर्टी डीलर और कॉलोनाइजर के नाम सामने आए हैं जो फर्जी एनओसी तैयार कर रहे थे। इनके खिलाफ जल्द ही कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
रजिस्ट्रेशन के बाद बाहर निकाली फर्जी एनओसी
सूत्रों के मुताबिक तहसील के रिकार्ड में कुछ रजिस्ट्रियों में फर्जी एनओसी बाहर निकाली जा रही हैं। इस संबंधी विधायक रंधावा ने कहा कि यह मामला उनके ध्यान में आया है, जिसके लिए उन्होंने तीनों नगर परिषदों को उनकी सरकार आने के बाद हुई एनओसी की सूची उन्हें उपलब्ध करवाने के निर्देश जारी किए हैं। नगर परिषदों से यह स्पष्ट हो जाएगा कि उन्होंने कितनी कॉलोनियों को एनओसी दी है और कितनी रजिस्ट्रियां हुई हैं। इस मामले में किसी को बख्शा नहीं जाएगा।