पंचकूला। प्रवर्तन निदेशालय की विशेष अदालत ने हरियाणा भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की ओर से दर्ज एक अन्य मामले में एम3एम के प्रबंध निर्देशक रूप बंसल को राहत देते हुए ईडी को गिरफ्तारी से पहले एक सप्ताह का नोटिस देने के लिए कहा है। रूप बंसल ने पंचकूला स्थित विशेष अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी। बचाव पक्ष के वकील ने सभी आरोपियों रूप बंसल, रियल्टी समूह आइआरईओ के ललित गोयल, पूर्व सीबीआई न्यायाधीश सुधीर परमार और न्यायाधीश के भतीजे अजय परमार को गिरफ्तार करने में ईडी के इरादे और हताशा पर सवाल उठाया। रूप बंसल को आइआरइओ मामले में पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय से जमानत मिल गई थी। हिरासत में ईडी ने उनके प्रोडक्शन वारंट की मांग की थी, एक आवेदन जो अक्तूबर में जमानत मिलने के बाद खारिज हो गया। नतीजतन नवंबर के पहले सप्ताह में ईडी ने बंसल को 10 नवंबर को उसके सामने पेश होने के लिए कहा, लेकिन इस बीच उन्होंने पीएमएलए न्यायालय के समक्ष अग्रिम जमानत के लिए एक आवेदन दायर किया था। ईडी के विशेष अभियोजकों के अनुरोध पर बहस की तारीख 17 नवंबर तय की गई थी। रूप बंसल के वकील ने ईडी की मंशा पर सवाल उठाते हुए अंतरिम राहत की मांग की, लेकिन कोई आदेश जारी नहीं किया गया। ईडी ने 14 नवंबर को अपना बयान दर्ज करने के लिए बंसल को एक और नोटिस जारी किया। न्यायालय ने बंसल को तलब करने के ईडी के कदम पर संज्ञान लिया जब मामला उसके समक्ष लंबित था। बचाव पक्ष के वकील ने जुलाई में हिरासत के दौरान बंसल का बयान दर्ज करने की मांग के लिए ईडी के आवेदन और नोटिस को रिकाॅर्ड पर लाया। वकील ने तर्क दिया कि ईडी किसी भी अनुसूचित अपराध को स्थापित करने में विफल रहा है।