संवाद न्यूज एजेेंसी
जीरकपुर। शहर की सड़कों पर घूमने वाले लावारिस पशुओं की समस्या से लोगों को निजात दिलाने के लिए स्थानीय नगर परिषद अपनी गोशाला बनाने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए मंगलवार होने वाली हाउस की बैठक में परियोजना का प्रस्ताव रखा जाएगा और प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद गोशाला के निर्माण के लिए जगह और अन्य जरूरी औपचारिकताओं पर काम शुरू किया जाएगा। गौरतलब है कि शहर की प्रमुख सड़कों और रिहायशी इलाकों में लावारिस पशुओं के कारण अक्सर यातायात प्रभावित होता है, जिससे परेशान लोगों ने अपनी शिकायत प्रशासन तक पहुंचाते हुए जीरकपुर में अपनी गोशाला बनाने का मांग उठाई जा रही थी।
अभी लालड़ू भेजे जाते हैं लावारिस पशु
शहर में पकड़े जाने वाले लावारिस पशुओं को फिलहाल नगर परिषद की ओर से लालड़ू के गोशाला में भेजा जाता है। इसके लिए परिषद को पशुओं को पकड़कर वहां तक पहुंचाने की व्यवस्था करनी पड़ती है। शहर में अपनी गोशाला नहीं होने के कारण कई बार पशुओं को रखने और उनकी देखभाल को लेकर भी व्यवस्था पर निर्भरता बनी रहती है। नगर परिषद की अपनी गोशाला बनने के बाद शहर से पकड़े जाने वाले पशुओं को स्थानीय स्तर पर ही रखने की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। इससे पशुओं को दूर ले जाने की जरूरत कम होगी और उन्हें निगरानी में रखने तथा चारे-पानी की व्यवस्था करना भी आसान होगा। प्रशासन की योजना है कि गोशाला में पशुओं के लिए पर्याप्त जगह के साथ जरूरी सुविधाएं विकसित की जाएं। इसके साथ ही शहर की सड़कों पर बड़ी संख्या में लावारिस पशु घूमते रहते हैं, जिनके कारण यातायात बाधित होने के साथ हादसों का खतरा भी बना रहता है। नई गोशाला बनने से इस समस्या के समाधान में मदद मिलने की उम्मीद है।
रात के समय सड़कों पर बैठे पशुओं से होते हैं हादसे
जीरकपुर की सड़कों पर रात के समय लावारिस पशु अक्सर बीच सड़क पर बैठे नजर आते हैं और अंधेरे में वाहन चालकों को इनका पता देर से चलता है, जिससे अचानक ब्रेक लगाने या वाहन मोड़ने के दौरान हादसे का खतरा बढ़ जाता है। दोपहिया वाहन चालक इससे सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं। कई प्रमुख सड़कों और रिहायशी इलाकों में पशुओं के झुंड दिखाई देते हैं और सड़क पर पशुओं की मौजूदगी से यातायात व्यवस्था भी प्रभावित होती है। लेकिन जीरकपुर में अपनी गोशाला बनने से ऐसे पशुओं को सुरक्षित स्थान पर रखने और सड़कों से हटाने में मदद मिलने की उम्मीद है। पशुओं को सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराने के साथ सड़क हादसों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से प्रशासन ने अपनी गोशाला बनाने की योजना तैयार करके इसका प्रस्ताव हाउस की बैठक में भेज दिया है। नगर परिषद अधिकारियों के अनुसार गोशाला बनने के बाद शहर में घूम रहे लावारिस पशुओं को वहां रखने की व्यवस्था की जाएगी, जिससे सड़कों पर पशुओं की संख्या कम होने के साथ यातायात व्यवस्था में भी सुधार की उम्मीद है।
जीरकपुर में लावारिस पशुओं के कारण होने वाले हादसों की शिकायतें लगातार मिलती रहती हैं। समस्या को देखते हुए नगर परिषद ने अपनी गोशाला बनाने का प्रस्ताव हाउस बैठक में भेज दिया है। प्रस्ताव पर चर्चा और मंजूरी के बाद हाउस के निर्देशानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। — परविंदर सिंह भट्टी, ईओ, नगर परिषद जीरकपुर।