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Mohali News: फ्लाइट रद्द होने पर नहीं किया रिफंड, एयर इंडिया पर 20 हजार रुपये हर्जाना

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मोहाली। खराब मौसम के चलते दिल्ली से चंडीगढ़ की फ्लाइट रद्द करने के बाद महिला यात्री को रिफंड न देना एयर इंडिया को महंगा पड़ा है। जिला उपभोक्ता आयोग ने एयर इंडिया को 20 हजार रुपये हर्जाना महिला को देने का आदेश दिया है। साथ ही 30 दिनों में 6,464 रुपये का रिफंड भी देने के लिए भी कहा है। यह आदेश उपभोक्ता आयोग के प्रेसिडेंट एसके अग्रवाल ने जारी किया है।सेक्टर-70 निवासी कंवलजीत कौर ने एयर इंडिया लिमिटेड को दिल्ली स्थित दफ्तर के प्रबंध निदेशक के जरिए सेक्टर-34 चंडीगढ़ स्थित ब्रांच दफ्तर को प्रबंधक के माध्यम से और मोहाली फेज 7 स्थित ट्रैवल ट्रेंड्स नामक ट्रेवल एजेंसी को इसके प्रोपराइटर के जरिए पार्टी बनाया था। अगस्त, 2020 में मोहाली जिला उपभोक्ता आयोग में यह शिकायत दायर की गई थी।
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कनाडा परिवार को मिलने गई, वापसी में फ्लाइट रद्द हो गई
शिकायतकर्ता कंवलजीत कौर ने कहा था कि उन्होेंने कनाडा में पारिवारिक सदस्यों से मिलने जाना था। उसने ट्रैवल ट्रेंड्स के जरिए टिकटें बुक करवाई थीं। वापसी में उन्होंने एयर इंडिया की टोरंटो से फ्लाइट पकड़ी और नई दिल्ली एयरपोर्ट पर लैंड हुई। यहां उन्हें बताया गया कि चंडीगढ़ जाने वाली फ्लाइट करीब दो घंटे देरी से है। इसके बाद रात करीब 9 बजे एयर लाइन स्टाफ ने फ्लाइट रद्द कर दी और कोई वैकल्पिक इंतजाम नहीं किए गए। इस कारण उन्हें काफी परेशानी झेलनी पड़ी थी।
उन्होंने एक लीगल नोटिस 30 जून, 2020 को प्रतिवादी पक्ष को भेजा था कि दिल्ली-चंडीगढ़ की फ्लाइट की टिकट के रूप में 6,464 रुपये रिफंड किया जाए। वहीं, उपभोक्ता आयोग में दायर शिकायत में भी उन्होंने इस रिफंड के अलावा मानसिक रूप से हुई परेशानी और अदालती खर्च के रूप में मुआवजा मांगा।
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एयर इंडिया ने डीजीसीए के नियमों का हवाला देकर आरोप नकारे
एयर इंडिया ने कहा कि उन्होंने सेवा में कोताही नहीं बरती और न ही शिकायतकर्ता को कोई नुकसान हुआ। इस तरह शिकायत रद्द करने की मांग की गई। हालांकि वह इस संबंधी कोई दस्तावेजी साक्ष्य पेश नहीं कर पाए। एयर इंडिया ने जवाब में डीजीसीए का हवाला दिया। इसके मुताबिक कहा कि अति विशेष हालातों में अगर फ्लाइट रद्द या डिले करनी पड़े तो एयर लाइन मुआवजा देने के लिए उत्तरदायी नहीं है। यह भी कहा कि खराब मौसम के चलते फ्लाइट रद्द करनी पड़ी थी।
हालांकि, आयोग ने कहा कि शिकायतकर्ता से ली गई टिकट की राशि वापस न करने की बात डीजीसीए नियमों में नहीं आती है। वहीं, एयरलाइन यह भी साबित नहीं कर सकी कि जिस राशि के रिफंड की मांग शिकायतकर्ता कर रही है वह उसे मिल चुकी है। मामले के तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए शिकायतकर्ता की मांग को आंशिक रूप से मंजूर करते हुए आयोग ने एयरलाइंस को कहा है कि वह शिकायतकर्ता के 6,464 रुपये वापस करे। इसके अलावा शिकायतकर्ता को मानसिक परेशानी, शोषण और अदालती खर्च के रूप में हर्जाना देना होगा।
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