राम जैसे ही रावण की नाभि में बाण मारते हैं, वह कराहते हुए दम तोड़ देता है। ग्राउंड में रावण वध के साथ ही वहां लगे रावण के विशाल पुतले को आग लगाई जाती है।
कुछ ही पलों में रावण के गले में पहनी हुई माला जगमगा उठती है। रंग-बिरंगी माला सतरंगी रंग बिखेरते हुए धीरे-धीरे जलती है।
इसके साथ ही आतिशबाजी के बीच देखते ही देखते रावण का पुतला जलकर खाक हो जाता है। जय श्रीराम के उद्घोष के बीच हर तरफ दशहरे की खुशियां बिखर जाती हैं।
रविवार को फेज आठ स्थित दशहरा ग्राउंड में दशहरा इस अंदाज में मनाया गया।
रावण से पहले कुंभकर्ण व मेघनाद के पुतले फूंके गए। उनके पुतले भी पहले ग्राउंड में कलाकारों द्वारा वध के बाद जलाए गए। इसके बाद शाम का मुख्य आकर्षण आतिशबाजी शो हुआ।
सोने-चांदी जैसे रंग बिखेरती आतिशबाजी ने सबका दिल जीत लिया। तेजी से घूमती चखरी हो या फिर गुलदस्ते की जलता अनार, आतिशबाजी का नजारा देख लोगों ने मेरठ के कारीगरों का लोहा माना और जमकर दाद दी।
सारे देश को झकझोरने वाले दिल्ली गैंग रेप का प्रभाव दशहरे पर भी दिखाया गया। यहां सबसे आखिर में बलात्कारी का पुतला जलाया गया, जिस पर लिखा था, मैं हूं बलात्कारी।
मेला देखने के लिए लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। ग्राउंड खचाखच भरा था, बाहर भी बड़ी संख्या में लोग खड़े थे। पास के कॉस्मो अस्पताल और फेज सात की दुकानों की छतों पर भी लोग डटे रहे।
बाद में मेन रोड की एक साइड पर आवाजाही बंद कर दी गई, वहां पर कारें ही कारें थीं। ग्राउंड और आसपास काफी पुलिस फोर्स तैनात की गई थी।
समागम के मुख्य मेहमान डिप्टी कमिश्नर टीपीएस सिद्धू थे। उन्होंने इस पर्व पर सभी के लिए खुशहाली की कामना की। समागम को विधायक बलबीर सिद्धू, स्त्री अकाली दल महासचिव अमनजोत कौर रामूवालिया और स्वराज के सीईओ हरीश चव्हान ने भी संबोधित किया।