मोहाली। फेज-1 में इस बार भी रामलीला का मंचन किया जाएगा। यह आयोजन अपने 36वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है। रामलीला 10 अक्तूबर से शुरू होकर 19 अक्तूबर तक चलेगी, जिसके बाद 20 अक्तूबर को विजयदशमी पर रावण दहन होगा।
भगवान श्रीराम की लीला के प्रति लोगों की आस्था आज भी बरकरार है। श्री रामलीला एवं दशहरा कमेटी फेस-1 द्वारा आयोजित यह परंपरा तीन दशक से अधिक समय से चली आ रही है। यह आयोजन क्षेत्र के लोगों को अपनी संस्कृति और धार्मिक विरासत से जोड़ता है। रामलीला में रामायण के विभिन्न प्रसंग जैसे श्रीराम का जन्म, वनवास, सीता हरण, रावण युद्ध और लंका विजय दिखाए जाएंगे। यह आयोजन फेस-1 और आसपास के क्षेत्रों के लिए विशेष महत्व रखता है। कई परिवार वर्षों से अपने बच्चों के साथ रामलीला देखने आते हैं।
आयोजन का महत्व और संदेश
कमेटी के अध्यक्ष आशु सूद ने कहा कि रामलीला के 36 वर्ष पूरे होना सभी सदस्यों और शहरवासियों के सहयोग का परिणाम है। सूद ने बताया कि भगवान श्रीराम के जीवन से सत्य, मर्यादा, त्याग और धर्म के पालन की प्रेरणा मिलती है। रामलीला के माध्यम से इन आदर्शों को युवा पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। 20 अक्तूबर को विजयदशमी पर रावण दहन के साथ बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया जाएगा। कमेटी ने शहरवासियों से परिवार सहित आयोजन में भाग लेने की अपील की है।